राष्ट्रीय
18-Jan-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने बिहार में मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ सामने आ रही कथित मॉब लिंचिंग, अपहरण और हत्या की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। इस संबंध में उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक विस्तृत पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ तत्काल, प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई की मांग की है। अपने पत्र में मौलाना मदनी ने कहा कि महात्मा बुद्ध की भूमि बिहार हमेशा से सामाजिक सौहार्द, करुणा और अहिंसा की परंपरा के लिए जानी जाती रही है, लेकिन हाल की घटनाएं राज्य की इसी ऐतिहासिक पहचान को गहरी चोट पहुंचा रही हैं। उन्होंने लिखा कि आज देश में नफरत फैलाने वाली मानसिकता को खुली छूट मिल रही है, जिसमें असामाजिक तत्वों के साथ-साथ संसद और विधानसभा तक के जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी चिंताजनक है। जब नफरत हिंसा, खून-खराबे और हत्या का रूप ले ले, तब राज्य की चुप्पी बेहद घातक साबित होती है। मौलाना मदनी ने अपने पत्र में बिहार की कई हालिया घटनाओं का उल्लेख किया। इनमें नवादा जिले में मुस्लिम कपड़ा व्यापारी मोहम्मद अतहर हुसैन के साथ की गई बर्बरता और बाद में उनकी मौत, गोपालगंज के मठिया गांव में अहमद आज़ाद को मांस रखने के शक में बिजली के खंभे से बांधकर पीटे जाने की घटना, मधुबनी जिले के चकदहा बस्ती में मोहम्मद मुर्शिद आलम को ‘बांग्लादेशी’ बताकर अपहरण और यातना दिए जाने का मामला शामिल है। इसके अलावा झंझारपुर में मामूली विवाद के बाद मोहम्मद क़य्यूम की हत्या और मधेपुरा जिले के मुरलीगंज थाना क्षेत्र के भैरवपट्टी गांव में विधवा मुस्लिम मजदूर हिना परवीन के अपहरण, कथित सामूहिक दुष्कर्म और नृशंस हत्या की घटना का भी जिक्र किया गया है। मौलाना मदनी ने विशेष रूप से हिना परवीन के मामले पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि छह मासूम बच्चों की एकमात्र संरक्षक असहाय विधवा की इस तरह निर्मम हत्या समाज की संवेदनशीलता और प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यक्षमता—दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सभी मामलों में शामिल दोषियों के खिलाफ शीघ्र, पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही लापरवाह अधिकारियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो, पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा, न्याय और पुनर्वास दिया जाए। संगठन ने भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेने, सांप्रदायिक प्रोफाइलिंग और विजिलेंटिज़्म पर रोक लगाने के लिए पुलिस व जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश जारी करने की भी मांग की है। इसके अलावा मौलाना मदनी ने जमीयत की स्थानीय इकाइयों से पीड़ित परिवारों, विशेषकर अनाथ बच्चों की मदद के लिए आगे आने की अपील की है। हिदायत/ईएमएस 18जनवरी26