अंतर्राष्ट्रीय
18-Jan-2026


-कई लोगों की गई आंखों की रोशनी, जर्मन-ईरानी नेत्र सर्जन ने इसे नरसंहार बताया तेहरान,(ईएमएस)। ईरान में दिसंबर 2025 के आखिर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। इन विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत आर्थिक मुद्दों जैसे महंगाई और रियाल की गिरावट से हुई थी, लेकिन जल्द ही यह सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गया, जिसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ नारे लगाए जा रहे हैं। एक नई रिपोर्ट दावा किया गया है कि सरकार की कड़ी कार्रवाई में कम से कम 16,500 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं और तीन लाख 30 हजार से ज्यादा घायल हुए हैं। ज्यादातर पीड़ित 30 साल से कम उम्र के युवा हैं। यह रिपोर्ट डॉक्टरों के हवाले से तैयार की गई है। रिपोर्ट में डॉक्टरों ने बताया है कि घायलों में सिर, गर्दन और छाती पर गोली। यह बात सैन्य-ग्रेड हथियारों के इस्तेमाल को दर्शाती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका स्थित न्यूज एजेंसी ने 3,090 मौतों की पुष्टि की है, जिसमें ज्यादातर प्रदर्शनकारी शामिल हैं। साथ ही 22 हजार से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं। सुप्रीम लीडर खामेनेई ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि इन विरोध प्रदर्शनों में कई हजार मौतें हुई हैं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपराधी बताते हुए प्रदर्शनकारियों को अमेरिका का फुट सोल्जर बताया है। जर्मन-ईरानी नेत्र सर्जन ने इसे डिजिटल अंधेरे के कवर में नरसंहार कहा है। तेहरान के प्रमुख अस्पतालों के आंकड़ों के मुताबिक हजारों आंखों की चोटें दर्ज की गईं, जिसमें 700 से 1000 लोग अपनी आंखें खो चुके हैं। कई मौतें खून की कमी से हुईं, क्योंकि सुरक्षा बलों ने कुछ मामलों में ब्लड ट्रांसफ्यूजन की इजाजत नहीं दी। प्रोफेसर ने कहा कि अधिकारी रुकने तक मारते रहेंगे और यही हो रहा है। यह क्रैकडाउन बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पहुंच गया, जिसे कुछ विशेषज्ञों ने नरसंहार बताया है। ईरान में कई हफ्तों से इंटरनेट ब्लैकआउट जारी है, जिसने सूचना के प्रवाह को पूरी तरह रोक दिया है और देश को दुनिया से अलग-थलग कर दिया है। सिराज/ईएमएस 18जनवरी26