राज्य
19-Jan-2026
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- अडानी के मुनाफे की सेवा का इनाम - अंधभक्तों की मूक सहमति ही संगठन का निर्णय - वरिष्ठ और संस्थापक नेता मतदाता तक नहीं रहे - भाजपा के नेता और कार्यकर्ता केवल हाथ उठाने की भूमिका में सीमित रह गए रायपुर (ईएमएस)। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया पर तीखा हमला बोलते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि यह चुनाव नहीं बल्कि केवल खानापूर्ति और पाखंड है। पहले नाम तय कर लिए गए, फिर उसी के अनुसार नामांकन, मतदाता सूची और निर्वाचन की औपचारिकता पूरी की गई। श्री बैज ने कहा कि भाजपा की नींव रखने वाले लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को ही राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया है। भाजपा के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि पार्टी के इतने वरिष्ठ और संस्थापक नेता मतदाता तक नहीं रहे। यह मोदी–शाह के अधिनायकवाद का स्पष्ट प्रमाण है, जहां दिग्गज नेताओं की भूमिका लगातार सीमित की जा रही है और केवल अंधभक्तों की मूक सहमति को ही संगठन का निर्णय माना जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज भाजपा “हम दो और हमारे दो” की पार्टी बनकर रह गई है। न संगठन में किसी की सलाह का महत्व है और न ही सरकार में किसी तीसरे की कोई भूमिका। पूंजीपति मित्रों के मुनाफे के लिए मोदी-शाह ने सरकार और संगठन दोनों को रिमोट कंट्रोल से चलने वाली व्यवस्था में बदल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से नवाजना, वास्तव में अडानी के मुनाफे की सेवा का इनाम है। हसदेव, तमनार, धरमजयगढ़-रायगढ़, मैनपाट, बैलाडीला, बचेली, किरंदुल, कांकेर और बस्तर में जल-जंगल-जमीन की लूट और कॉर्पोरेट परस्ती के बदले यह पुरस्कार दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरी निर्वाचन प्रक्रिया में भाजपा के नेता और कार्यकर्ता केवल हाथ उठाने की भूमिका में सीमित रह गए हैं। मतदाता भी मोदी–शाह ने अपने अनुकूल ही चुन लिए हैं। यह प्रक्रिया लोकतंत्र नहीं, बल्कि अघोषित तानाशाही का उदाहरण है।