20-Jan-2026
...


-आतंकी गतिविधियों के खिलाफ युद्ध की चुनौती देने वाले डोभाल ने मनाया 81वां जन्मदिन नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल मंगलवार को अपना 81वां जन्मदिन मनाया है। सर्जिकल स्ट्राइक हो या फिर बालाकोट एयर स्ट्राइक। देश की हर सुरक्षा से संबंधित हर घटना में डोभाल का नाम सुनने को मिलता है। बता दें उनको भारत का जेम्स बॉन्ड भी कहा जाता है। वहीं अजीत डोभाल पाकिस्तान में अंडरकवर एजेंट भी रह चुके हैं। बता दें उत्तराखंड की पौड़ी गढ़वाल में 20 जनवरी 1945 को अजीत डोभाल का जन्म हुआ था। उनके पिता सेना में अधिकारी थे। वहीं साल 1969 में केरल बैच के आईपीएस अधिकारी रहे अजीत डोभाल साल 1972 में इंटेलिजेंस ब्यूरो से जुड़ गए। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के लाहौर में भारतीय दूतावास में 6 साल सेवाएं दी थीं। पाकिस्तान में रहकर जानकारियां हासिल करने के लिए डोभाल लाहौर की गलियों में मुस्लिम बनकर घूमते थे। इसके साथ ही वह पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों के खिलाफ उसको युद्ध की खुली चुनौती भी दे चुके हैं। अजीत डोभाल सालों तक पाकिस्तान में बतौर अंडरकवर एजेंट की भूमिका में रहे। डोभाल ने इंटेलिजेंस से रिटायरमेंट के बाद एक कार्यक्रम का किस्सा बताया था। डोभाल ने बताया था कि एक बार जासूसी के दौरान उनको पहचान लिया गया। एक व्यक्ति के कान छिदे होने के कारण उनको पहचान लिया गया था कि वह हिंदू हैं। वह व्यक्ति सवाल करने के लिए उनको एक कमरे से दूसरे कमरे में ले गया, जिसके बाद उसने बताया कि वह भी एक हिंदू ही हैं। बता दें अजीत डोभाल देश के एकमात्र ऐसे पुलिस अधिकारी रहे, जिनको कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। आमतौर पर यह सम्मान सिर्फ सेना के अधिकारियों को दिया जाता है। माना जाता है कि सर्जिकल स्ट्राइक के पीछे अजीत डोभाल का दिमाग था। उनकी देखरेख में इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। वहीं साल 1989 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर से चरमपंथियों को निकालने के लिए डोभाल ने ऑपरेशन ब्लैक थंडर का भी नेतृत्व किया था। सिराज/ईएमएस 20जनवरी26