- वर्षों से अटैच चल रहे शिक्षकों को स्कूलों में वापस लौटने की चेतावनी भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने वर्षों से अटैच चल रहे शिक्षकों को स्कूलों में वापस लौटने के लिए सख्त चेतावनी दी है। इसके अनुसार सभी शिक्षक तत्काल अपनी मूल पदस्थापना वाले स्कूलों में लौटें। ऐसा नहीं करने पर वेतन आहरण रोका जाएगा और जिम्मेदारी सीधे प्राचार्यों पर तय होगी। एमपी बोर्ड द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा का टाइमटेबल पहले ही जारी हो चुका है। इसके तहत कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी से 7 मार्च और कक्षा 10वीं की परीक्षा 13 फरवरी से 6 मार्च तक आयोजित की जाएगी। वहीं, बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर मोहन सरकार पहले ही सरकारी शिक्षकों की छुट्टियों पर रोक लगा चुकी है। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार राजधानी भोपाल में करीब ढाई सौ शिक्षक ऐसे हैं, जो मुख्य पदस्थापना छोडक़र अन्य स्थानों पर अटैच हैं। इनमें से अधिकांश ने सुविधा के अनुसार अपने घर के पास की स्कूल में अटैचमेंट करा रखा था। कुछ शिक्षक अन्य शासकीय कार्यालयों और यहां तक कि मतदाता सूची से जुड़े कार्यों में भी अटैच पाए गए हैं। अब इन सभी को मूल स्कूल में लौटना अनिवार्य किया गया है। इसके निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने जारी कर दिए हैं। ई-सेवा पुस्तिका भी करनी होगी अपडेट डीईओ अहिरवार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि शिक्षकों की उपस्थिति के आधार पर ही वेतन आहरित किया जाएगा। यदि कोई शिक्षक मूल संस्था में उपस्थित नहीं पाया जाता है, तो संबंधित प्राचार्य को जिम्मेदार माना जाएगा। इसके साथ ही 31 जनवरी तक ई-सेवा पुस्तिका अपडेट करना भी अनिवार्य कर दिया गया है। यदि समय सीमा के बाद अपडेशन होता है, तो कर्मचारियों का वेतन भुगतान प्रभावित हो सकता है। शैक्षणिक कार्य पर अटैचमेंट का पड़ रहा असर बता दें कि अटैचमेंट के कारण कई सरकारी स्कूलों में पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण में सामने आया है कि बच्चों की तैयारी अधूरी रह गई है। परीक्षा समय नजदीक होने के कारण विभाग ने भी इसे गंभीर लापरवाही माना है। डीईओ का कहना है कि यदि शिक्षक मूल स्कूल में नहीं लौटते हैं, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और वेतन भी रोका जा सकता है। इसलिए अटैचमेंट किया खत्म, सख्ती जारी डीईओ नरेंद्र अहिरवार ने बताया कि मध्यप्रदेश में दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं। कुछ स्कूलों में विषय विशेषज्ञों की कमी है। ऐसे में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए सभी अटैचमेंट समाप्त करने का निर्णय लिया है। अहिरवार ने बताया कि कई शिक्षक वर्षों से मूल संस्था छोडक़र दूसरी जगहों पर कार्यरत थे। इससे स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी सामने आई। अटैचमेंट खत्म होने से स्कूलों में शिक्षकों की भरपाई हो सकेगी। 3 लाख कर्मचारियों की छुट्टी पर पहले ही रोक इससे पहले मोहन यादव सरकार शासकीय शिक्षकों की छुट्टी पर रोक लगा चुकी है। सरकार ने एमपी बोर्ड की परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकारी स्कूलों में कार्यरत साढ़े तीन लाख से अधिक शिक्षकों पर अतिआवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम लागू किया था। ऐसे में माध्यमिक शिक्षा मंडल के निर्देशों के तहत 7 फरवरी से 13 मार्च 2026 तक सरकारी टीचर्स छुट्टियां नहीं ले सकते। विनोद / 20 जनवरी 26