राज्य
20-Jan-2026


- भोपाल स्लॉटर हाउस मामले में प्रशासन को घेरते हुए पटवारी बोले भोपाल (ईएमएस)। भोपाल में गौ मांस का मामला तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। जिस प्रकार से गौ मांस ट्रक में मिला। उसके बाद प्रशासन ने तो कार्रवाई की है। मगर अभी भी खुले में भैंसों का वध किया जा रहा है। इसके साथ ही कई सवाल सुभाष नगर स्लाटर हाउस पर खड़े हो रहे हैं।भोपाल में पीपीटी मॉडल पर सुभाष नगर स्लाटर हाउस को नगर निगम ने निजी हाथों दिया है। सुभाष नगर स्लाटर हाउस के दस्तावेजों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। सामने आया कि कैमरे हों या डॉक्टर स्लाटर हाउस में पूरी तरह नियंत्रण संचालक असलम के हाथ में था। निगम ने आंखें मूद रखी थीं। जो 26 टन गौ मांस पकड़ा था, परिवहन दस्तावेज के हिसाब से यह 85 भैसों का बताया गया है, जो जानकारी से मैच नहीं खाती है। पटवारी ने कहा कि कई सवाल अभी भी खड़े हो रहे हैं क्योंकि एमआईसी की सहमति से मंजूरी मिली। मगर सीसीटीवी कंट्रोल असलम के पास था, जबकि नियम कहते हैं कि पुलिस कंट्रोल रूम या नगर निगम के पास स्लॉटर हाउस के सीसीटीवी कैमरे का कंट्रोल होना चाहिए। कई अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई नहीं हालांकि संचालक असलम चमड़ा के ऊपर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि जिस प्रकार से गाड़ी के इस्तेमाल किया जाता था, वह पूरी तरह नगर निगम की तरह पीले कलर की दिखाई दे रही है। उसे पर नगर निगम लिखा था, जबकि वह गाड़ी निजी वाहन है। इसी वहां से मरे हुए जानवरों को ले जाया जाता है हालांकि स्लॉटर हाउस पर कार्रवाई की गई है। मगर अभी भी स्लाटर हाउस के सामने लोगों का कब्जा देखने को मिल रहा है और खुलेआम भैंसों का वध किया जा रहा है। जिसको लेकर कांग्रेस पार्षद अमित शर्मा का कहना है कि कार्रवाई में बड़ी लापरवाही की गई है। छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई की गई जबकि बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई अभी तक नहीं की गई। इस पूरे मामले पर नगर निगम की महापौर और एमआईसी मेंबर जवाबदारी है। विनोद / 20 जनवरी 26