20-Jan-2026
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बीएमसी के सिंहासन पर कब्जा करने शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने फोड़ा बम मुंबई,(ईएमएस)। देश की सबसे अमीर मुंबई महानगरपालिका बीएमसी के सिंहासन पर कब्जा करने के लिए खेल अब तीखा और पेंचीदा हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने एक ऐसा बम फोड़ा है, जिसने महायुति के खेमे में खलबली मचा दी है। राउत ने दावा किया कि वे बहुमत के जादुई आंकड़े 114 से महज 6 कदम दूर हैं, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर ये 6 कदम कहां से पूरे होंगे? संजय राउत जब कहते हैं कि उनके पास 108 का आंकड़ा है जिसमें उद्धव गुट (65), कांग्रेस (24), शरद पवार की एनसीपी और अन्य छोटे दलों को मिलाकर भी यह आंकड़ा 108 तक नहीं पहुंचता। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम भी पर्दे के पीछे से उद्धव ठाकरे को समर्थन देने को तैयार है? सियासी गलियारों में चर्चा है कि क्या बीजेपी को रोकने के लिए उद्धव अब ओवैसी के साथ जाने का जोखिम उठाएंगे? अगर 108 के आंकड़े में मुस्लिम बहुल सीटों वाले पार्षद शामिल होते हैं, तो इसका मतलब साफ है, बीजेपी को सत्ता से बाहर रखने के लिए विपक्षी गठबंधन किसी भी हद तक जाने को तैयार है। राउत ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर बड़ा प्रहार करते हुए कहा कि शिंदे अपने ही पार्षदों से डरे हुए हैं। राउत के मुताबिक शिंदे सेना के पार्षदों को बांद्रा और कल्याण-डोंबिवली के तीन अलग-अलग होटलों में नजरबंद किया गया है। राउत का दावा है कि जो शिंदे कल तक ईडी के डर से उद्धव का साथ छोड़ गए थे, आज उन्हें डर है कि उनके पार्षद पाला बदल लेंगे। राउत ने कहा कि हमारे (यूबीटी) पार्षद खुलेआम घूम रहे हैं, घरों पर मजे कर रहे हैं, हमें किसी का डर नहीं। रिपोर्ट के मुताबिक बीएमसी चुनाव के बाद भले ही महायुति सबसे मजबूत दिख रही हो, लेकिन अंदरूनी कलह चरम पर है। बीजेपी किसी भी कीमत पर अपना मेयर चाहती है। सूत्र बताते हैं कि वे ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर भी राजी नहीं हैं और साफ कह चुकी है 30 जनवरी को बीएमसी में बीजेपी का मेयर बनेगा। एकनाथ शिंदे अपने 29 पार्षदों के दम पर ढाई साल का मेयर पद या सबसे पावरफुल स्टैंडिंग कमेटी का अध्यक्ष पद मांग रहे हैं। चर्चा तेज है कि शिंदे स्टैंडिंग कमेटी की कमान चाहते हैं। मुंबई महानगरपालिका में स्थायी समिति स्टैंडिंग कमेटी का अध्यक्ष पद मेयर से भी ज्यादा प्रभावशाली होता है क्योंकि असली तिजोरी की चाबी उसके पास होती है। जहां मेयर का पद मुख्य रूप से सम्मान और समन्वय का होता है, वहीं स्टैंडिंग कमेटी का चेयरमैन बीएमसी के करोड़ों रुपए के बजट और विकास कार्यों से जुड़े तमाम वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी देने वाली सर्वोच्च शक्ति है। सिराज/ईएमएस 20जनवरी26 ------------------------------------