राष्ट्रीय
20-Jan-2026
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देश में जातिवाद नहीं राष्ट्रवाद होना चाहिए बांदा,(ईएमएस)। उत्तप्रदेश के बांदा में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ऐसा बयान दिया है कि सुर्खियों में आ गया। उन्होंने कहा कि जिस दिन तिरंगे में चांद आ गया, उस दिन न शर्मा न वर्मा बचने वाले हैं, न क्षत्रिय, न रैदास वाले बचने वाले है। इतना ही नहीं धीरेंद्र कृष्ण ने कहा कि न तुलसी दास वाले बचने वाले हैं, न अगड़ा बचेगा ना पिछड़ा बचेगा। इसका सबसे बड़ा उदाहरण बांग्लादेश है। जहां एक-एक विधवा से 40-40 लोगों ने बलात्कार किया है। इसलिए उन्होंने कहा कि जातिवाद नहीं इस संकट से बचाने के लिए देश में राष्ट्रवाद होना चाहिए। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि इस समय वहीं व्यक्ति सफल है, वहीं ताकतवर है, उसी की सत्ता है, वहीं बच सकता है जो एकजुट है। उन्होंने बताया कि मुसलमानों में 72 फिरके हैं, पठान, खान, सिया, सुन्नी मगर उनके मजहब पर बात आती है, लेकिन जब उनके मजहब पर बात आती हैं, तब सिर्फ मुसलमान हैं। हमारे भारत में 9 राज्यों में हिंदुओं की घटती हुई आबादी इसका बात कि सूचक है कि हम हिंदू हैं, मगर हम एक नहीं हो सके। हिंदू विचारधारा वाले लोगों के अलावा किसी भी हिंदू से अगर पूछो, तब वह या अपने को वर्मा बताता है या शर्मा बताता है या फिर पंडित बताता है या अन्य। मगर मेरी सबसे प्रार्थना है कि हमारा परिचय जाति से नहीं हिंदू से होना चाहिए। हिंदुओं को बचाने का एकमात्र यही रास्ता है कि हिंदुओं को अपनी जनसंख्या बढ़ानी चाहिए। जब चच्चे के 30-30 बच्चे हो सकते हैं, तब हिंदुओं के क्यों नहीं? इसलिए हिंदुओं के बेटे 4 यही लगाएंगे बेड़ा पार। 2 बच्चे घर के लिए, 1 बच्चा स्वयं सेवक संघ के लिए व 1 बच्चा हिंदू राष्ट्र के लिए। आशीष दुबे / 20 जनवरी 2026