राज्य
20-Jan-2026
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-अब तक आखिर क्यों निष्क्रिय थी महापौर...? -शनिचरी से शुरू हुई ‘थूक पॉलिश’ निरीक्षण की राजनीति...! -नवपदस्थ कमिश्नर की गुड गवर्नेंस -प्रशासनिक कसावट का असर....! बिलासपुर (ईएमएस)। नगर निगम में नवपदस्थ आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे के पदभार संभालते ही प्रशासनिक कसावट और गुड गवर्नेंस का असर ज़मीन पर दिखने लगा है। वर्षों से बदहाल सफाई व्यवस्था, बाजारों की अव्यवस्था और अधिकारियों की ढिलाई पर कमिश्नर की सक्रियता ने ऐसा दबाव बनाया कि अब तक खामोश रहीं महापौर को भी सड़कों पर उतरना पड़ा। शनिचरी बाजार से शुरू हुआ यह निरीक्षण शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक गलियारों में इसे ‘डैमेज कंट्रोल’ और ‘थूक पॉलिश’ करार दिया जा रहा है, क्योंकि इससे पहले सफाई व्यवस्था की बदहाली पर महापौर की सक्रियता नदारद रही। निरीक्षण के दौरान महापौर श्रीमती पूजा विधानी निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे व अधिकारियों के साथ सड़क और नाली सफाई का जायजा लेती दिखीं। सफाई कर्मियों की उपस्थिति जांची गई, अवैध कब्जों पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए, लेकिन सवाल यह है कि जब शहर गंदगी से जूझ रहा था, तब यह सख्ती क्यों नहीं दिखी...? कमिश्नर की सक्रियता सिस्टम में हलचल सूत्रों की मानें तो कमिश्नर सर्वे के स्पष्ट निर्देशों और फील्ड एक्शन के बाद ही विभागों में हरकत आई। बाजारों की अव्यवस्था, विशेषकर शनिचरी मछली मार्केट, जिसे वर्षों से नजरअंदाज किया गया था, अब अचानक व्यवस्थित करने की बात होने लगी। कमिश्नर के नेतृत्व में प्रशासनिक मशीनरी हरकत में आई, और उसी के बाद महापौर का निरीक्षण औपचारिकता से आगे बढ़ता हुआ दिखा। जनता पूछ रही सवाल...? अगर सफाई सर्वोच्च प्राथमिकता थी तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं...? मछली बाजार की गंदगी वर्षों से थी, प्रस्ताव अब क्यों...? क्या यह निरीक्षण वास्तविक सुधार है या केवल इमेज मैनेजमेंट...? एक बात साफ शहर में बदलाव की बयार कमिश्नर की कुर्सी से चली है, न कि राजनीतिक दबाव से। अब देखना होगा कि यह सक्रियता आगे भी कायम रहती है या फिर कैमरे हटते ही व्यवस्था फिर पुराने ढर्रे पर लौट जाएगी। बिलासपुर छतीसगढ़ से मनोज राज की रिपोर्ट