-स्टीव डेंस का भारत आना- अमेरिकी दाल पर लगाए 30 फीसदी टैरिफ से राहत दिलाना था नई दिल्ली,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। जब भारत ने भी इसी तरह का कदम उठाया तो उन्हें मिर्ची लग गई और अपने दूत को भेजकर इससे निपटाने की बात की। ट्रंप के दूत स्टीव डेंस दो दिन पहले भारत आए और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की थी। उनका मकसद भारत की ओर से अमेरिकी दाल पर लगाए 30 फीसदी टैरिफ से राहत दिलाना था। दरअसल स्टीव डेंस अमेरिकी राज्य रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर हैं, जो अमेरिकी सीनेट में साल 2015 से ही सेवाएं दे रहे हैं। इससे पहले वह बोझेमैन नामक कंपनी में एग्जीक्यूटिव थे। डेंस को एग्रीकल्चर, एनर्जी और विदेशी नीति से जुड़ों मुद्दों के माहिर खिलाड़ी हैं। डेंस मोंटाना राज्य के किसानों के हितों की बात लंबे समस से करते आ रहे हैं। उनकी कृषि मुद्दों पर जानकारी का फायदा उठाने और इस अनुभव को देखते हुए ही राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें भारत भेजा है। बता दें भारत ने नवंबर 2025 में अमेरिका से आने वाली पीली मटर पर 30 फीसदी टैरिफ लगा दिया था। इससे अमेरिकी किसानों पर भारी बोझ आ गया, खासकर मोंटाना राज्य के किसानों पर, क्योंकि अमेरिका में सबसे ज्यादा दाल का उत्पादन मोंटाना में ही होता है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल का उपभोक्ता देश है, लेकिन अमेरिकी दाल पर टैरिफ लगाने से मोंटानों के किसानों को नुकसान हुआ। चूंकि, डेंस मोंटाना राज्य के प्रतिनिधि हैं और उन्हें कृषि मामलों की जानकारी भी है तो उन्हें ही ट्रंप ने भारत जाने के लिए चुना। भारत सबसे बड़ा दाल उपभोक्ता देश है, लेकिन अमेरिका से आयात काफी कम है। इसके बजाय कनाडा, म्यांमार, ऑस्ट्रेलिया, मोजाम्बिक और तंजानिया जैसे देशों से दाल मंगाता है। साल 2024 में अमेरिका से दाल का आयात 7.34 करोड़ डॉलर का रहा था। हालांकि पिछले साल 2025 में जनवरी से अक्टूबर तक के आंकड़े और भी कम रहे। इस दौरान महज 4 करोड़ डॉलर का ही आयात किया गया। साल 2024 में भारत ने अमेरिका से 19 हजार टन पीली मटर और 64 हजार टन हरी मसूर आयात की थी। यह भारत के कुल आयात का महज 1 से 2 फीसदी हिस्सा है। भारत ने 2025 में करीब 73 लाख टन दाल का आयात किया था। सिराज/ईएमएस 21जनवरी26