- राज्य साइबर सेल ने भोपाल डीसीपी क्राइम को दिए जांच के निर्देश - एनआरआई नर्सिंग कॉलेज एवं अस्पताल की फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट का मामला - डॉ रितेश रावत और डॉ अभिषेक सेन ने बनाई थी निरीक्षण रिपोर्ट भोपाल(ईएमएस)। राजधानी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय की टीम फर्जी अस्पतालों और अवैध नर्सिंग कॉलेजों का लगातार निरीक्षण कर रही है। अब तक कई अस्पतालों व क्लिनिक पर कार्रवाई भी की गई है। इस बीच टीम के दो सदस्य डॉ. रितेश रावत और डॉ. अभिषेक सेन पर एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दोनों अधिकारियों ने एनआरआई नर्सिंग कॉलेज और अस्पताल की फर्जी रिपोर्ट तैयार की थी। इसकी शिकायत एनएसयूआई ने राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय से की थी। जिसमें संज्ञान लेते हुए साइबर पुलिस ने डीसीपी क्राइम को मामले की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा है। - यह है पूरा मामला एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने बताया कि करीब एक महीने पहले एनआरआई इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग भोपाल एवं उससे संबद्ध अरनव अस्पताल की वैधता को लेकर एनएसयूआई द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस शिकायत पर मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के रजिस्ट्रार द्वारा सीएमएचओ भोपाल को निरीक्षण कर प्रतिवेदन दस्तावेजों सहित काउंसिल कार्यालय में देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सीएमएचओ भोपाल डॉ. मनीष शर्मा द्वारा जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रितेश रावत और चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक सेन को निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन दोनों अधिकारियों ने मौके पर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किए बिना फर्जी और कूटरचित निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत कर दी, जिससे शासन एवं नर्सिंग काउंसिल को गुमराह करने का प्रयास किया गया। - भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देने का आरोप जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई की शिकायत के बाद 12 दिसंबर 2025 को सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा द्वारा दोनों डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई उन्होंने कहा कि यह साफ तौर पर दर्शाता है कि सीएमएचओ स्तर से भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जिससे फर्जी अस्पतालों एवं अवैध नर्सिंग कॉलेजों को खुला संरक्षण मिल रहा है। उन्होनें चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही एनआरआई इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज, उससे संबद्ध अस्पताल एवं दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो एनएसयूआई प्रदेश स्तर पर आंदोलन तेज करेगी और उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के निवास का घेराव किया जाएगा। जुनेद / 21 जनवरी