- शूटरों को कारतूस बेचने के दौरान बरती लापरवाही भोपाल(ईएमएस)। राजधानी भोपाल की रातीबढ़ थाना पुलिस ने शूटिंग खेलों की शीर्ष संस्था नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओ के तहत मामला दर्ज किया है। यह मामला एनआरएआई शूटरों को कारतूस बेचने के दौरान की गई गंभीर लापरवाही के बाद दर्ज किया है। एकेडमी द्वारा कारतूस बिक्री की अनिवार्य एंट्री शस्त्र लाइसेंस में नहीं की गई। जॉच में गड़बड़ी सामने आने पर रातीबड़ पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है। गौरतलब है की एनआरएआई संस्था भारत में राइफल, पिस्टल और शॉटगन शूटिंग की शीर्ष शासी संस्था मानी जाती है। इसे भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय, भारतीय ओलिंपिक संघ और अंतरराष्ट्रीय संस्था आईएसएसएफ से मान्यता प्राप्त है। देश के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के शूटर इसी संस्था के तहत प्रतियोगिताएं खेलते हैं। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस जांच में सामने आया कि कोतवाली इलाके में रहने वाले शूटर असलम परवेज और तलैया निवासी शूटर सुलेम अली ने शूटिंग के दौरान एनआरएआई से कारतूस खरीदे थे, लेकिन इनके शस्त्र लाइसेंस में इसकी कोई एंट्री दर्ज नहीं थी। जांच में यह भी सामने आया कि सुलेम अली ने साल 2024 में भोपाल में आयोजित 11 वेस्ट जोन शूटिंग प्रतियोगिता के दौरान एनआरएआई से कारतूस खरीदे थे, लेकिन लाइसेंस रिकॉर्ड में इसका कोई उल्लेख नहीं मिला। गड़बड़ी उजागर होने पर पुलिस ने शूटर्स के शस्त्र लाइसेंस, हथियार और जारी कारतूसों की जांच शुरू की थी। पड़ताल में सामने आया की प्रतियोगिताओं के दौरान शूटिंग रेंज पर एनआरएआई कारतूस बेच रहा था। शूटर असलम परवेज की शूटिंग हिस्ट्री में लाइसेंस में दर्ज मात्रा से अधिक कारतूसों का उपयोग मिला। पूछताछ में असलम परवेज और सुलेम अली ने एनआरएआई से कारतूस खरीदने की पुष्टि की। जांच रिपोर्ट में साफ किया गया कि नेशनल राइफल एसोसिएशन ने कई शूटर्स को बिना लाइसेंस एंट्री के ही अवैध रूप से कारतूस बेचे, जो सुरक्षा और कानून की दृष्टि से गंभीर लापरवाही है। केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने आगे की जॉच शुरु कर दी है। जुनेद / 21 जनवरी