नई दिल्ली,(ईएमएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को नई दिल्ली में स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बेरेसे के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा, तकनीकी सहयोग और वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलावों पर विस्तार से चर्चा हुई। यहां विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि विश्व व्यवस्था एक बड़े परिवर्तन से गुजर रही है और साझा चुनौतियों पर राष्ट्रों के लिए सहयोग पहले से कहीं अधिक आवश्यक है। उन्होंने आतंकवाद से निपटने में भारत और स्पेन की साझी भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि दुनिया को आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनानी होगी। उन्होंने इस अवसर पर स्पेन के साथ द्विपक्षीय व्यापार पर भी प्रकाश डाला। उनका कहना था कि हाल के वर्षों में भारत-स्पेन का माल व्यापार 8 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है और दोनों देशों की कंपनियां विविध क्षेत्रों जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट सिटीज, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स और ऑटोमोबाइल में सक्रिय हैं। विदेश मंत्री ने भारत के मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट और वडोदरा में एयरबस टाटा सी295 फाइनल असेंबली लाइन का जिक्र किया, साथ ही बताया कि पहला मेड-इन-इंडिया विमान इस साल सितंबर से पहले फैक्ट्री से तैयार होकर निकलेगा। उन्होंने अगले महीने होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी का भी जिक्र किया और कहा कि भारत का दृष्टिकोण एआई के जिम्मेदार, नैतिक और मानव-केंद्रित उपयोग पर आधारित है। स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बेरेस ने कहा कि दुनिया मुश्किल दौर से गुजर रही है और भारत जैसे देश के साथ मजबूत रिश्ते बनाना आवश्यक है। उन्होंने यूरोपीय संघ के साथ एफटीए को सकारात्मक कदम बताया और कहा कि भारत और स्पेन दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि स्पेन के राष्ट्रपति सांचेज जल्द ही भारत का आधिकारिक दौरा करेंगे। बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई। जयशंकर और अल्बेरेसे ने इंडो-पैसिफिक रणनीति में सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा की। इस बैठक से भारत- स्पेन संबंधों में व्यापारिक, तकनीकी और सुरक्षा सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। हिदायत/ईएमएस 21जनवरी26