क्षेत्रीय
21-Jan-2026
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- उत्पीड़न से संबंधित लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिये कार्ययोजना बनाएं ग्वालियर ( ईएमएस ) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उत्पीड़न से संबंधित जिन प्रकरणों की पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज हुई हैं। ऐसे सभी लंबित प्रकरणों में चालान पेश करने की कार्रवाई जल्द से जल्द की जाए। साथ ही लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिये कार्ययोजना बनाएं। इसकी सूची समिति को भेजें, जिससे पीडित लोगों को शासन के प्रावधानों के तहत आर्थिक राहत मंजूर की जा सके। इस आशय के निर्देश कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति की बैठक में दिए। बैठक में विधायक श्री मोहन सिंह राठौर भी मौजूद थे। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा कि लंबित प्रकरणों को निराकृत कराने के लिये एसओपी तैयार करें। साथ ही न्यायालयों में पुख्ता साक्ष्य रखकर मजबूती के साथ पैरवी की जाए, जिससे दोषियों को दण्ड मिल सके। उन्होंने एससी व एसटी के लोगों को जल्द राहत दिलाने के लिये भ्रमित करने वाले लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश भी बैठक में दिए। कलेक्टर ने पुलिस की अजाक शाखा एवं अनुसूचित जाति व जनजाति विभाग की संयुक्त टीम गठित कर लोगों को भ्रमित करने वाले लोगों को पकड़ने के लिये कहा। विधायक श्री मोहन सिंह राठौर ने भी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के परिवारों को जल्द से जल्द सहायता उपलब्ध कराने के लिये उपयोगी सलाह दी। साथ ही कहा कि विभिन्न विभागों में आउटसोर्स के माध्यम से कर्मचारियों की भर्ती में विशेष पिछड़ी जनजाति सहरिया के पढ़े-लिखे युवकों को भी नौकरी दिलाई जाए। कलेक्टर ने कहा इस दिशा में प्रभावी पहल की जायेगी। इस कड़ी में उन्होंने सहरिया परिवारों के पढ़े-लिखे युवकों की सूची मांगी है। फरियादियों को शासन के प्रावधानों के तहत नगद व विधिक सहायता उपलब्ध कराने की हिदायत भी कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को दी। बैठक में बताया गया कि अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जिले में पिछले जून माह से गत दिसम्बर माह तक की अवधि में अनुसूचित जाति के उत्पीड़न से संबंधित 214 प्रकरणों में लगभग 2 करोड़ 27 लाख 28 हजार रुपए की राहत राशि स्वीकृत की गई है। इसी तरह अनुसूचित जनजाति के 18 प्रकरणों में 22 लाख 63 हजार रुपए से अधिक राहत राशि मंजूर हुई है। बुधवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित हुई जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति की बैठक में एसडीएम ग्वालियर ग्रामीण श्री सूर्यकांत त्रिपाठी, सहायक आयुक्त जनजाति कल्याण श्री राजेन्द्र शर्मा, डीएसपी अजाक श्री विजय सिंह तोमर एवं समिति के अन्य सदस्यगण व संबंधित अधिकारी मौजूद थे। अजजा के लोगों को संकटापन्न योजना के तहत तत्परता से सहायता दिलाने पर जोर सड़क दुर्घटना, अग्नि दुर्घटना या अन्य प्रकार की आपदा से प्रभावित अनुसूचित जनजाति के लोगों को जल्द से जल्द आर्थिक मदद दिलाने पर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने विशेष जोर दिया। उन्होंने बैठक में मौजूद विधायक श्री मोहन सिंह राठौर से भी आग्रह किया कि वे दुर्घटना से प्रभावित अनुसूचित जनजाति के लोगों के आवेदन जनजाति कल्याण विभाग में अवश्य कराएं। सरकार द्वारा संकटापन्न योजना के तहत अनुसूचित जनजाति के प्रभावित लोगों को पाँच हजार रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिये सादा कागज पर आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के साथ जाति प्रमाण-पत्र एवं आधारकार्ड की प्रति संलग्न करना अनिवार्य है।