- तहसीलदार और पटवारी पर नामांतरण के बदले 1 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप गुना। जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में मंगलवार को भ्रष्टाचार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया। ग्राम टकनेरा के एक पीडि़त किसान ने तहसीलदार और पटवारी पर नामांतरण के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने और राशि न देने पर नामांतरण निरस्त करने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर को आवेदन सौंपा है। 50 हजार लौटाकर मांगे पूरे एक लाख पीडि़त ने कलेक्टर को बताया कि उसने ग्राम टकनेरा में अक्टूबर 2025 में कृषि भूमि खरीदी थी, जिसके नामांतरण के लिए उसने नायब तहसीलदार वृत्त म्याना के समक्ष आवेदन किया था। आरोप है कि तहसीलदार आरती गौतम ने नामांतरण के बदले पटवारी रवींद्र आर्य के माध्यम से एक लाख रुपये की मांग की। प्रार्थी ने पटवारी को 50,000 रुपये दे भी दिए थे, लेकिन डेढ़ महीने बाद पटवारी ने यह कहकर पैसे लौटा दिए कि मैडम को पूरे एक लाख रुपये ही चाहिए, वरना कोई भी कमी निकालकर नामांतरण निरस्त कर दिया जाएगा। कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की गुहार पीडि़त किसान का कहना है कि जब उसने तहसीलदार से मिलकर नियमानुसार नामांतरण करने की गुहार लगाई, तो उसे स्पष्ट जवाब मिला कि वादा पूरा करो और नामांतरण ले जाओ। किसान ने आरोप लगाया कि पैसे न देने पर अब पटवारी और पंचायत सचिव मिलकर मामले को उलझाने का प्रयास कर रहे हैं। इस गंभीर शिकायत को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर ने मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। जनसुनवाई में पहुंचे इस मामले ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। इस संबंध में जब तहसीलदार आरती गौतम से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि यह कहते हुए फोन काट दिया कि आप तहसील आ जाओ वहां से जानकारी लो। - सीताराम नाटानी