राष्ट्रीय
22-Jan-2026


मुंबई (ईएमएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दावोस दौरे को लेकर राज्य की राजनीति तेज हो गई है। दरअसल, शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दावोस दौरे पर तीखा हमलाकर पिकनिक बताया है। सांसद राउत ने सवाल उठाया कि आखिर भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्री हर साल दावोस जाकर क्या साबित करना चाहते हैं? राउत ने कहा कि देश के अलग अलग राज्यों के मुख्यमंत्री दावोस में इकट्ठा होकर आपस में बातचीत करते हैं और भारतीय कंपनियां वहीं समझौते करती हैं। उन्होंने कहा कि यह सारा तमाशा जनता के पैसे पर होता है, जो करार दावोस में हो रहे हैं वे मुंबई में बैठकर भी हो सकते थे। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री देश और राज्य को बताएं कि दावोस यात्रा पर कितना खर्च हुआ। हालांकि शिवसेना यूबीटी गुट से सांसद राउत ने जोड़ा कि अगर निवेश और रोजगार के जो आंकड़े सरकार बता रही है वे सही हैं, तब उनका स्वागत होना चाहिए। वहीं राउत के आरोपों का जबाव मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस ने दिया और उनके बयान को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि पिकनिक पर जाने वाला व्यक्ति सुबह छह बजे से रात ग्यारह बजे तक लगातार बैठकें और सम्मेलन नहीं करता। अमृता ने कहा कि दावोस एक वैश्विक मंच है जहां दुनिया भर के प्रतिनिधि मिलते हैं और निवेश के नए रास्ते खुलते हैं। उन्होंने कहा कि वहां जाना हर राज्य प्रमुख की जिम्मेदारी है। बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने दावोस से बड़ी उपलब्धियों का दावा किया है। महाराष्ट्र सरकार ने विश्व आर्थिक मंच के पहले ही दिन चौदह लाख पचास हजार करोड़ रुपये के 19 समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। ये निवेश हरित ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण, इस्पात निर्माण, आईटी, डाटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन, जहाज निर्माण और डिजिटल ढांचे जैसे क्षेत्रों में होगा। महाराष्ट्र सरकार का दावा है कि इससे राज्य में पंद्रह लाख रोजगार के अवसर पैदा होने वाले है। आशीष दुबे / 22 जनवरी 2026