राष्ट्रीय
22-Jan-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने आज, 22 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस परेड (आरडीपी) के लिए अपना प्रेस पूर्वावलोकन आयोजित किया। इस दौरान कर्तव्य पथ पर होने वाले राष्ट्रीय समारोहों के मुख्य आकर्षणों—मार्चिंग दस्ते, पूर्व सैनिकों की झांकी और फ्लाईपास्ट का विस्तृत विवरण साझा किया गया। मीडिया को जानकारी देते हुए भारतीय वायु सेना ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड राष्ट्रीय एकता का एक शक्तिशाली प्रतीक है, जो भारत की सैन्य शक्ति और तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करता है। भारतीय वायु सेना के आदर्श वाक्य नभः स्पृशं दीप्तम के अनुरूप, परेड के सभी घटक राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के साथ-साथ देश की सीमाओं की रक्षा के प्रति वायु सेना की प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करेंगे। इस वर्ष भारतीय वायु सेना, गणतंत्र दिवस समारोह से जुड़े सभी औपचारिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए लीड सर्विस की भूमिका निभा रही है। गणतंत्र दिवस परेड के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित होने वाला भव्य गार्ड ऑफ ऑनर, जहाँ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी शहीद नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, उसका नेतृत्व स्क्वाड्रन लीडर हेमंत सिंह कात्याल द्वारा किया जाएगा। मीडिया ब्रीफिंग की शुरुआत भारतीय वायु सेना के मार्चिंग दस्ते के परिचय के साथ हुई, जो परंपरा और आधुनिकता के एक विशिष्ट संगम का प्रतिनिधित्व करेगा। सेना की विभिन्न इकाइयों से अपनी उत्कृष्ट सैन्य मुद्रा के आधार पर चुने गए 144 युवा वायु योद्धाओं से बना यह दस्ता, गर्व और गौरव की विरासत को सम्मानित करने के साथ-साथ भारतीय वायु सेना के मूल मूल्यों को दृढ़ता से बनाए रखने के लिए हफ्तों के कठोर प्रशिक्षण से गुजरा है। भारतीय वायु सेना के इस मार्चिंग दस्ते का नेतृत्व स्क्वाड्रन लीडर जगदीश कुमार कर रहे हैं, जिनके साथ स्क्वाड्रन लीडर निकिता चौधरी, फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रखर चंद्राकर और फ्लाइट लेफ्टिनेंट दिनेश सुपरन्यूमेररी अधिकारियों के रूप में शामिल हैं। भारतीय वायु सेना बैंड, जिसका नेतृत्व सार्जेंट चार्ल्स एंटनी डेनियल करेंगे, मार्चिंग दस्ते का उत्साहवर्धन करेगा। इस बैंड में 72 बेहतरीन म्यूज़िशियन शामिल हैं, जिनमें 57 अग्निवीरवायु और 9 महिला अग्निवीरवायु (जिन्हें पहली बार शामिल किया जा रहा है) के साथ 3 ड्रम मेजर भी हिस्सा लेंगे। जब यह बैंड राष्ट्रपति के सलामी मंच के सामने से गुजरेगा, तब यह साउंड बैरियर धुन बजाएगा, जो वायु सेना की बहुमुखी प्रतिभा और इसके आधुनिक स्वरूप को प्रदर्शित करेगी। मीडिया ब्रीफिंग का मुख्य आकर्षण इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह के लिए भारतीय वायु सेना द्वारा प्रस्तुत पूर्व सैनिकों की झांकी के विषय संग्राम से राष्ट्र निर्माण तक का अनावरण था। झांकी के अगले हिस्से में अमर जवान ज्योति और ऐतिहासिक युद्ध मशीनों के 3D मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं, जिनमें T-55 और विजयंत टैंक, हंटर, मिग-21, मिराज और जगुआर विमान, तथा आईएनएस मैसूर और आईएनएस राजपूत शामिल हैं। इसके साथ ही इसमें 1965 और 1971 के युद्धों और 1999 के कारगिल ऑपरेशन विजय के चित्रण भी शामिल हैं। झांकी का पिछला हिस्सा राष्ट्रीय विकास में पूर्व सैनिकों की भूमिका पर प्रकाश डालता है, जिसमें बाढ़ राहत, चिकित्सा सेवाओं, शिक्षा और मेक इन इंडिया पहल में उनके स्वैच्छिक प्रयासों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। मीडिया ब्रीफिंग का समापन इस वर्ष के फ्लाईपास्ट पर एक प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसमें छह अलग-अलग हवाई अड्डों से संचालित होने वाले 29 विमान शामिल होंगे। इनमें 16 लड़ाकू विमान, 4 परिवहन विमान और 9 हेलीकॉप्टर हिस्सा लेंगे। आठ अलग-अलग फॉर्मेशन में व्यवस्थित यह फ्लाईपास्ट ध्वज फॉर्मेशन के साथ शुरू होगा, जिसमें चार Mi-17 IV हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज के साथ तीनों सेनाओं के झंडे लेकर उड़ान भरेंगे। इस प्रदर्शन में राफेल, सुखोई-30 MKI, मिग-29 और जगुआर विमानों की क्षमताओं को दिखाया जाएगा, जिन्हें C-130 और C-295 जैसे स्ट्रेटेजिक विमानों और भारतीय नौसेना के P-8i एयरक्राफ्ट भी शामिल होंगे। संयुक्त कौशल का प्रदर्शन करते हुए भारतीय वायु सेना के ALH MK IV और भारतीय सेना के ALH WSI, अपाचे तथा प्रचंड (एलएचसी) जैसे हमलावर हेलीकॉप्टर भी फ्लाईपास्ट में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन है, जो वायु शक्ति और सटीकता का प्रदर्शन करेगा। यह भारतीय वायु सेना के इस वर्ष की थीम अचूक, अभेद्य व सटीक को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगा। प्रेस पूर्वावलोकन ने भारतीय वायु सेना की एक युद्ध-क्षमता, सुगठित बल और राष्ट्र के एक अटल स्तंभ के रूप में उसकी स्थिति को रेखांकित किया।