:: 300वीं जयंती पर समर्पित झांकी में दिखेगी नारी सशक्तीकरण और सुशासन की झलक; महेश्वर के घाट और साड़ियों का भी होगा प्रदर्शन :: इंदौर/नई दिल्ली (ईएमएस)। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के पावन अवसर पर इस वर्ष नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड-2026 में मध्यप्रदेश की भव्य झांकी देशवासियों का मन मोहेगी। ‘पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर’ की थीम पर आधारित यह झांकी उनके गौरवशाली व्यक्तित्व, सुशासन, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण के संदेश को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगी। झांकी के अग्र भाग में लोकमाता अहिल्याबाई की वह चिर-परिचित प्रतिमा दिखाई देगी, जिसमें वे हाथ में शिवलिंग धारण किए पद्मासन में विराजमान हैं। यह दृश्य भारतीय मातृशक्ति की सौम्यता और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। झांकी के मध्य भाग में देवी अहिल्याबाई को उनके मंत्रियों और सैनिकों के साथ दिखाया गया है, जो उनके सुदृढ़ प्रशासन, न्यायप्रिय शासन और सांस्कृतिक विरासतों की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। :: नारी सशक्तीकरण और महेश्वर का वैभव :: झांकी के अंतिम भाग में उनकी राजधानी महेश्वर के प्रसिद्ध घाट, मंदिर और किले को खूबसूरती से उकेरा गया है। पवित्र नर्मदा नदी में चलती नौकाएं और मंदिरों के शिखर इस प्रस्तुति को भव्यता प्रदान करते हैं। झांकी के भित्तिचित्रों में लोकमाता के मार्गदर्शन में महिलाओं को प्रसिद्ध महेश्वरी साड़ी की बुनाई करते दिखाया गया है, जो उस काल में नारी सशक्तीकरण और स्वदेशी आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रमाण है। पारंपरिक नृत्य करते लोक कलाकार इस पूरी प्रस्तुति को जीवंत बनाएंगे। :: झांकी के प्रमुख आकर्षण :: अग्र भाग : हाथ में शिवलिंग लिए पद्मासन मुद्रा में लोकमाता की प्रतिमा। मध्य भाग : होल्कर कालीन मंदिर निर्माण, जीर्णोद्धार और सैन्य सुरक्षा का चित्रण। अंतिम भाग : महेश्वर का ऐतिहासिक किला, नर्मदा घाट और महेश्वरी बुनकर महिलाएं। संदेश : सुशासन, न्यायप्रियता और सांस्कृतिक संरक्षण की गौरवशाली विरासत। प्रकाश/22 जनवरी 2025