-9 दिनों से शिविर के बाहर विरोध में हैं बैठे प्रयागराज (ईएमएस)। प्रयागराज माघ मेले में प्रशासन से विवाद के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शिविर के बाहर धरने पर बैठे हैं। गणतंत्र दिवस पर उन्होंने समर्थकों के साथ तिरंगा फहराया। पदवी विवाद और दुर्व्यवहार के आरोपों के बीच सियासत तेज है। स्वामी का संकल्प है कि माफी मांगे जाने तक वे संगम स्नान और शिविर में प्रवेश नहीं करेंगे। प्रयागराज माघ मेला में मौनी अमावस्या के दिन हुए विवाद के बाद से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। वह अपने शिविर के बाहर ही धरने पर बैठे हैं। इस बीच गणतंत्र दिवस के मौके पर यानी 26 जनवरी को उन्होंने शिविर के बाहर तिरंगा फहराया। इस दौरान काफी साधु-संत और उनके समर्थक मौजूद रहे जिन्होंने मिलकर राष्ट्रगान गाया। गौरतलब है कि प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच हफ्ते भर से अधिक समय से विवाद जारी है। इसको लेकर प्रशासन अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस भी भेज चुका है। उनके शंकराचार्य की पदवी पर भी सवाल खड़ा किया गया है। इन सबके बीच जमकर सियासत हो रही है। विपक्ष यूपी सरकार को घेर रहा है। वहीं, डिप्टी सीएम सीएम केशव मौर्य ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से विवाद खत्म करने की अपील की है। अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि पुलिस-प्रशासन ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया है। जब तक माफी नहीं मांगी जाएगी वो संगम स्नान नहीं करेंगे और ना ही अपने शिविर में जाएंगे। वो रोज सरकार के खिलाफ बयान दे रहे हैं। इसको लेकर संत समाज भी दो धड़ों में बंटा नजर आ रहा है।