नई दिल्ली (ईएमएस)। इंडिया बनाम न्यूजीलैंड तीसरे टी20 मुकाबले में जसप्रीत बुमराह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड अपने नाम किया। यह लगातार तीसरा मौका रहा, जब टीम इंडिया के किसी अलग खिलाड़ी ने मैच विनर की भूमिका निभाई। पहले टी20 में अभिषेक शर्मा और दूसरे मुकाबले में ईशान किशन को यह सम्मान मिला था। गुवाहाटी में खेले गए तीसरे टी20 में जहां भारतीय बल्लेबाजों ने एक बार फिर आक्रामक अंदाज दिखाया, वहीं गेंद से जसप्रीत बुमराह का प्रदर्शन सबसे ज्यादा प्रभावशाली रहा। जसप्रीत बुमराह ने अपने चार ओवर के स्पेल में महज 17 रन खर्च करते हुए तीन अहम विकेट झटके। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और कसी हुई गेंदबाजी ने न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को पूरी तरह से दबाव में ला दिया। बुमराह की इस घातक गेंदबाजी के दम पर न्यूजीलैंड की टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही और भारत को आसान लक्ष्य मिला। इसी शानदार प्रदर्शन के लिए बुमराह को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस अवॉर्ड के साथ ही जसप्रीत बुमराह ने एक खास उपलब्धि भी अपने नाम कर ली। वह भारत के लिए सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतने वाले खिलाड़ियों की सूची में पूर्व सलामी बल्लेबाज और मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर की बराबरी पर पहुंच गए हैं। बुमराह और गंभीर दोनों ने अपने-अपने करियर में 15-15 बार यह सम्मान हासिल किया है। इस सूची में सुरेश रैना और नवजोत सिंह सिद्धु जैसे दिग्गज भारतीय खिलाड़ियों का नाम भी शामिल है। हालांकि, जसप्रीत बुमराह से आगे अभी कई खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्होंने उनसे ज्यादा बार प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता है। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा 76 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतने का रिकॉर्ड ‘क्रिकेट के भगवान’ सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है। उनके बाद विराट कोहली का नाम आता है, जिन्होंने 71 बार यह सम्मान हासिल किया है। रोहित शर्मा 45 अवॉर्ड के साथ तीसरे स्थान पर हैं, जबकि सौरव गांगुली, युवराज सिंह और वीरेंद्र सहवाग भी इस सूची में ऊंचे पायदान पर मौजूद हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इस सूची में बल्लेबाजों के साथ-साथ ऑलराउंडर और गेंदबाजों ने भी अपनी जगह बनाई है। रविंद्र जड़ेजा, रविचंद्रन अश्विन, अनिल कुंबले और कपिल देव जैसे खिलाड़ियों ने भी लगातार शानदार प्रदर्शन कर यह अवॉर्ड जीते हैं। जसप्रीत बुमराह का इस सूची में शामिल होना उनकी निरंतरता और मैच जिताने की क्षमता को दर्शाता है। मौजूदा सीरीज में उनके प्रदर्शन से साफ है कि वह सिर्फ भारत के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज ही नहीं, बल्कि बड़े मौकों के खिलाड़ी भी बन चुके हैं। डेविड/ईएमएस 26 जनवरी 2026