नई दिल्ली (ईएमएस)। मटेरियल रिसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एमआरएआई) ने जयपुर में आयोजित तीन दिन के इंटरनेशनल मटेरियल रिसाइक्लिंग कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपोजिशन 2026 में केंद्रीय बजट में बदलाव की मांग की। एसोसिएशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि स्क्रैप पर 18 फीसदी उद्योग की ग्रोथ रोक रहा है और बहुत सारी गतिविधिया अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर में जा रही हैं। मेहता ने कहा कि हाई टैक्स की वजह से कैश में ट्रांजेक्शन बढ़ रहे हैं, जिससे स्क्रैप कलेक्शन का पहला स्तर ही फॉर्मल नहीं बन पा रहा। उन्होंने मांग की कि जीएसटी को 5 फीसदी तक घटाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने डिजिटल पेमेंट्स, जैसे यूपीआई, को बढ़ावा देने पर जोर दिया ताकि अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर को फॉर्मल इकोनॉमी में लाया जा सके। एमआरएआई ने अल्यूमिनियम स्क्रैप पर इंपोर्ट ड्यूटी पूरी तरह हटाने की अपील की। इसके अलावा ई-वेस्ट, प्लास्टिक और टायर सेक्टर्स में एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (ईपीआर) नियमों को सख्ती से लागू करने की भी मांग की गई। उन्होंने बताया कि देश में स्क्रैप का लगभग एक तिहाई हिस्सा रगपिकर्स, घरों और छोटे वर्कशॉप्स से आता है।