काम बंद कर किया प्रदर्शन, नारेबाजी जबलपुर (ईएमएस)। बैंक कर्मचारी यूनियनों के नौ घटकों की देशव्यापी हड़ताल का असर मंगलवार 27 जनवरी को जबलपुर में देखा गया । शहर के प्रमुख एक दर्जन राष्ट्रीयकृत बैंकों में ताले लटके हुए हैं। पूर्वान्ह में यूनियन पदाधिकारी सिविक सेंटर में एकत्रित हो नारेबाजी करते नजर आ रहे हैं।यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बुलाई गई है। फारम की प्रमुख मांग है कि बैंकों में हफ्ते में 5 दिन काम को तुरंत लागू किया जाए। यूनियन के अभिषेक सिन्हा ने उक्त हडताल की जानकारी देते हुए बताया कि मार्च 2024 में भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के साथ हुए वेतन संशोधन समझौते में माह के सभी शनिवारों को छुट्टी देने पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। फिलहाल बैंक कर्मचारी हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार को ही छुट्टी पर रहते हैं, जबकि बाकी दो हफ्तों में उन्हें 6 दिन काम करना पड़ता है। उन्हेंने बताया कि बैंकों को छोडकर अन्य सभी वित्तीय संस्थानें में पांच दिन के सप्ताह को मान्यता है परंतु बैंकों को इससे अछुता रखा गया है जबकि बैंक कमी हर स्थिति में सरकार की योजनाओं में पूरा समर्पण देते आ रहे हैं इसी व्यवस्था के विरोध में यह हड़ताल की जा रही है। इस हड़ताल में देशभर के 12 सरकारी बैंकों के कर्मचारी शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया , पंजाब नेशनल बैंक,बैंक ऑफ बड़ौदा,बैंक ऑफ इंडिया,केनरा बैंक, इंडियन बैंक सहित अन्य सरकारी बैंक शामिल हैं। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अभी उक्त मांग को लेकर मंगलवार को एक दिन की सांकेतिक हडताल की गई है परंतु सरकार यदि मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं करती तो आगामी दिनों में चरणबद्ध तरीके से 3दिन सप्ताहभर और फर अनिश्चितकालीन हडताल की जाएगी। अजय पाठक / मोनिका / 27 जनवरी 2026