-प्रियांक खड़गे ने नकदी की इस आवाजाही को गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा से जोड़ा बेंगलुरु,(ईएमएस)। कर्नाटक और महाराष्ट्र की सीमा पर 2000 के नोटों के 400 करोड़ रुपए की लूट ने सियासी रंग ले लिया है। कर्नाटक की सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी बीजेपी ने एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा। पिछले साल 22 अक्टूबर को चोरला घाट पर हुई इस लूट का मामला कुछ समय पहले तब सामने आया था, जब पीड़ित संदीप पाटिल ने नासिक में लूट की शिकायत दर्ज कराई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित संदीप ने बताया कि दो ट्रक में भरकर यह पैसा ले जाया जा रहा था। उसी वक्त 6 लोगों ने हथियारों के दम पर उसे लूट लिया। घटना की जानकारी सामने आते ही कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार पर सवाल उठाते हुए नकदी की इस आवाजाही को गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि हमें नहीं पता कि यह पैसा किसका था। जांच होने दीजिए ताकि पता चल सके कि यह कांग्रेस, बीजेपी, एनसीपी या शिवसेना का है या नहीं। असल सवाल तो यह है कि बीजेपी सरकारें क्या कर रही हैं। ये तीनों सरकारें अपनी नाक के नीचे ये सारी गतिविधियां कैसे कर रही हैं? रिपोर्ट के मुताबिक कुछ बीजेपी विधायकों के इस आरोप का जिक्र करते हुए कहा कि नोटबंदी के बाद 2,000 रुपए के नोटों को काले धन से सफेद धन में बदलने के लिए तिरुपति ले जाया जा रहा था, प्रियांक खड़गे ने पूछा कि उनके पास ऐसी जानकारी कैसे है, जो सरकारों के पास भी नहीं है? उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश, जहां तिरुपति स्थित है, पर किसका शासन है? केंद्र को इन सवालों का जवाब देना होगा। प्रियांक ने कहा कि पीएम के पास जेन जेड और भजन क्लबों के बारे में बोलने का समय है, लेकिन उन्हें ट्रकों में तस्करी किए जा रहे 400 करोड़ रुपए की नकदी की कोई जानकारी नहीं है। क्या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सो रहे हैं? “वह कहां है?” प्रियांक खड़गे द्वारा उठाए सवालों के बाद बीजेपी नेता चलावादी नारायणस्वामी ने कांग्रेस सरकार पर फंडिंग का स्त्रोत बनने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कर्नाटक से पैसा सभी चुनावों के लिए भेजती है, क्योंकि कांग्रेस-शासित तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश से फंड नहीं जुटाया जा सकता। उन्होंने सिद्धारमैया सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गृह लक्ष्मी गारंटी योजना के तहत फरवरी और मार्च 2025 के लिए 5,000 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया गया है। पहले कहा गया कि भुगतान हो चुका है, बाद में उन्होंने खुद माना कि भुगतान नहीं हुआ। ऐसा सिर्फ कांग्रेस ही कर रही है। वहीं, बेलगावी के पुलिस अधिकारी ने इस मामले पर कहा कि अब तक कर्नाटक में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, क्योंकि न तो कोई शिकायत और न ही कोई ठोस सबूत सामने आए हैं। सिर्फ अफवाहों के आधार पर कार्रवाई नहीं की जा सकती। बता दें नासिक पुलिस के मुताबिक घटना में 2000 रुपए के पुराने नोटों में 400 करोड़ रुपए मौजूद थे, जिन्हें दो ट्रकों में भरकर ले जाया जा रहा था। इन्हें रास्ते में लूट लिया गया। महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है और रुपयों की दावे की जांच के लिए विशेष समिति गठित की है। सिराज/ईएमएस 27जनवरी26