भोपाल(ईएमएस)। राजधानी की जिला अदालत ने फर्जी मूल के आधार पर मेडिकल सीट पर एडमिशन लेने वाले डॉक्टर को सुनवाई पूरी होने पर दोषी करार देते हुए 3 साल के सश्रम कारावास सहित पॉच सौ रुपये के अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किये जाने का फैसला सुनाया है। यह निर्णय अतुल सक्सेना 23वे अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने दिया है। प्रकरण में शासन द्वारा की ओर से विशेष लोक अभियोजक एसटीएफ भोपाल अकिल खॉन और सुधाविजय सिंह भदौरिया द्वारा पैरवी की गई है। संभागीय जनसंपर्क अधिकारी मनोज त्रिपाठी से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस थाना एसटीएफ भोपाल को मिली शिकायत के अनुसार व्यावसायिक परीक्षा मण्डल भोपाल द्वारा आयोजित पीएमटी परीक्षा मे आरोपी सुनील सोनकर द्वारा साल 2010 मे उत्तीर्ण होने पर म.प्र. राज्य कोटा का लाभ लेने करने के लिये कूटरचित मूल निवासी प्रमाण पत्र का उपयोग किया गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस थाना एसटीएफ ने धारा 420, 467, 468, 471 के तहत मामला कायम कर जॉच के बाद अदालत में अभियोग पत्र पेश किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन द्वारा पेश किये गये तर्को, साक्ष्य, दस्तावेजों से सहमत होते हुए अदालत ने आरोपी सुनील सोनकर को दोषी करार देते हुए धारा 420-467-468 मे 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं पॉच-पॉच सौ रुपये अर्थदण्ड एवं धारा 471 भादवि मे 2 वर्ष का सश्रम कारावास सहित 500 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किये जाने का निर्णय पारित किया है। जुनेद / 27 जनवरी