- कई ग्रामीण इलाको में हुई मध्यम बारिश राजगढ़(ईएमएस) जिले में मंगलवार की सुबह मौसम के बदले मिजाज के साथ हुई। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद खिलचीपुर सहित आसपास के इलाकों में मावठे की बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो रुक-रुक कर कभी तेज तो कभी हल्की होती रही। आसमान में घने बादलों की चादर तनी रही, जिससे सूरज पूरे समय नजर नहीं आया और वातावरण में ठंडक घुल गई। बारिश और बादलों की मौजूदगी ने तापमान को भी प्रभावित किया। मंगलवार को जिले का न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि इससे एक दिन पहले यह 6.6 डिग्री सेल्सियस था। नमी बढ़ने और ठंडी हवा चलने से सुबह से ही लोगों को ठिठुरन का एहसास होता रहा। - बूंदाबांदी और सर्दी में नहीं निकले लोग मौसम विभाग के अनुसार जिले में आगे भी बारिश की संभावना बनी हुई है। रुक-रुक कर हो रही बारिश और बढ़ती ठंड के चलते लोग घरों से निकलते समय गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। सुबह 11 बजे तक बाजारों और सड़कों पर चहल-पहल कम रही, वहीं खेतों में खड़ी फसलों को लेकर किसान मौसम के मिजाज पर नजर बनाए हुए हैं।इधर सारंगपुर में भी सुबह करीब 9:30 बजे से शहर सहित ग्रामीण अंचलों में मावठा गिरा। आसमान में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की ठंड भी बढ़ने लगी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ l बारिश का असर सारंगपुर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्पष्ट दिखा। गुलावता, शेरपुरा, उदनखेड़ी, मंग्याखेड़ी, सराली और ग्वाडा सहित कई गांवों में रुक-रुक कर तेज बारिश दर्ज की गई। इस अचानक बदले मौसम से जहां लोगों ने ठंडक महसूस की, वहीं खुले में मौजूद मवेशियों और पशुपालकों की चिंताएं बढ़ गईं। इन दिनों भैंसवा माता के स्थान पर प्रसिद्ध पशु मेला आयोजित किया जा रहा है। इसमें दूर-दराज के क्षेत्रों से पशु व्यापारी और किसान अपने मवेशियों के साथ पहुंचे हुए हैं। मावठे की बारिश और ठंड बढ़ने की आशंका को देखते हुए पशु मालिक अपने मवेशियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित नजर आए। - किसान बोले- गेंहूं की फसलों के लिए यह बारिश जरूरी भैंसवा माता मेला स्थल के सरपंच कुलदीप नागर ने बताया कि बारिश और ठंड को देखते हुए मेले में अलाव की व्यवस्था कराई गई है। इससे मवेशियों और उनके मालिकों को ठंड से राहत मिल सकेगी। वहीं, दूसरी ओर इस बारिश को किसानों के लिए राहत भरा बताया जा रहा है। हरना गांव के किसान मोहन नागर ने जानकारी दी कि गेहूं की फसल के लिए इस समय हल्की बारिश की आवश्यकता थी। मावठे की यह बारिश खेतों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी और इससे फसलों की बढ़वार में मदद मिलेगी। -निखिल कुमार (राजगढ़ )27/1/2026