- यूशिया और झेनली दोनों जनरल्स निकले जासूस, परमाणु जानकारी की लीक! बीजिंग,(ईएमएस)। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दो सबसे ताकतवर आर्मी जनरल्स अमेरिका के लिए जासूसी कर रहे थे। यह दोनों ही शी जिनपिंग के बहुत करीबी माने जाते हैं। इन दोनों जनरल्स का नाम जांग यूशिया और ल्यू झेनली है। 75 साल के जनरल यूशिया चीन की सबसे बड़ी और सबसे ताकतवर सैन्य संस्था सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के उपाध्यक्ष हैं और वह सबसे शक्तिशाली व्यक्ति हैं। खुद शी जिनपिंग जो कि इस संस्था के चेयरमैन हैं और जो वाइस चेयरमैन हैं वो जांग योशिया ये जनरल युशिया जो हैं ये चीन के साथ गद्दारी कर रहे थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन की हर एक सेना का कमांड और कंट्रोल इसी सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के पास होता है। जनरल ल्यू जेनली भी सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में चीफ ऑफ स्टाफ थे। जनरल यूशिया और शी जिनपिंग दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे। यानी एक दोस्त ने ही दूसरे दोस्त के साथ गद्दारी की और शी जिनपिंग का तख्ता पलट करने की कोशिश की। रिपोर्ट के मुताबिक आरोप यह है कि इन दोनों जनरल्स ने चीन के परमाणु हथियारों से जुड़ा सबसे अहम डाटा अमेरिका को दे दिया और यह दावा खुद अमेरिका के ही एक अखबार ने किया है। सवाल यह है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के इतने खास और गहरे दोस्त इस जनरल पर परमाणु जानकारी लीक करने का आरोप कैसे लगा? बता दें 24 जनवरी को एक बंद कमरे में चीन की सेना के जो बड़े-बड़े जनरल्स थे उनकी एक हाई लेवल मीटिंग हुई और वहीं पर पहली बार यह आरोप लगाया गया। इसके कुछ ही घंटों के बाद चीन के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी किया जिसमें जनरल यूशिया पर राष्ट्रीय कानून और पार्टी के अनुशासन को तोड़ने और उल्लंघन करने का शक जताया और ल्यू जेन ली के खिलाफ भी एक और जांच इस समय चल रही है। इससे पहले 19 जनवरी को चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉरपोरेशन के पूर्व जनरल मैनेजर के खिलाफ भी ऐसे ही जांच शुरू करवाई थी और सीएनएसी पर चाइना के नागरिक और सैन्य परमाणु कार्यक्रम की पूरी जिम्मेदारी होती है। जांच के दौरान कुछ ऐसे सबूत मिले जिसके बाद जांच की सुई जनरल युक्सिया तक भी पहुंच गई और इस जनरल पर अमेरिका को परमाणु हथियारों की जानकारी लीक करने के अलावा तीन और बड़े आरोप लगाए गए हैं। पहला चीन की सेना के लिए हथियारों की खरीद से जुड़ी गोपनीय जानकारी अमेरिका को दे दी गई। दूसरा चीन की सेना में बड़े पदों के बदले रिश्वत ली गई। बड़े पदों पर जो अपॉइंटमेंट होती है उसके बदले रिश्वत ली गई और सेना के अंदर गुटबाजी पैदा की गई और तीसरा चीन की कम्युनिस्ट पार्टी में फूट डालने की कोशिश का भी आरोप लगा है। रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि इस जनरल ने चीन की सेना के एक अधिकारी को रक्षा मंत्री बनाने के बदले पैसा लिया। यह भी दावा है कि जनरल यूशिया राष्ट्रपति शी जिनपिंग का तख्ता पलट करना चाहते थे और शी जिनपिंग को हटाने की तैयारी कर रहे थे। 22 दिसंबर को यह दोनों आखिरी बार एक साथ दिखाई दिए थे। हैरान करने वाली बात यह है कि शी जिनपिंग ने ही 2017 में जनरल यूशिया को अपने बाद चीन के सबसे ताकतवर पद पर बैठाया था। 2023 में यूशिया ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग को तीसरी बार राष्ट्रपति बनने में मदद की थी। लेकिन बाद में इन दोनों पुराने दोस्तों के बीच किसी वजह से मतभेद शुरू हो गए और शी जिनपिंग और जनरल यूशिया चीन में एक ही प्रांत से आते हैं और बचपन के दोस्त हैं। यहां तक कि इन दोनों के पिता भी 1949 में चीन की क्रांति के दौरान एक साथ काम करते थे। बता दें 2023 से अब तक चीन में 50 से ज्यादा बड़े-बड़े सैनिक अधिकारी हटाए जा चुके हैं या फिर उनके खिलाफ जांच चल रही है। जिनमें वहां के रक्षा मंत्री और आर्मी, एयरफोर्स और नेवी और मिसाइल फोर्स के टॉप जनरल्स भी शामिल हैं। अगर इन दोनों जनरल्स पर आरोप सही साबित हुए तो यह चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ा झटका होगा और वहां के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए तो निजी रूप से भी यह बड़ा झटका है। सिराज/ईएमएस 28 जनवरी 2026