-मलाशय में फंसा था आईलाइनर, मूत्राशय के पास मिली विशाल पथरी टोक्यो (ईएमएस)। जापान के रिसर्चर्स ने ऐसा खुलासा किया है जिससे रूह कांप जाए। उन्होंने बताया कि एक 60 साल के व्यक्ति की मौत के बाद जब उसका पोस्टमार्टम किया गया, तो उसके शरीर के अंदर से ऐसी-ऐसी चीजें निकलीं, जिसे देख फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की आंखें फटी रह गईं। उस व्यक्ति के मलाशय के अंदर एक आईलाइनर फंसा था और उससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि उस आईलाइनर से चिपक कर मूत्राशय में एक बड़ी पथरी विकसित हो गई थी। यह मामला तब सामने आया जब इस व्यक्ति को बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया। उसके भाई ने उसे घर पर अचेत पाया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उसे बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन दो दिनों तक चले इलाज के बाद भी उसकी मौत हो गई। मौत से दो हफ्ते पहले उसने भूख न लगने और दस्त की शिकायत की थी, साथ ही वह पिछले तीन सालों से पेट में रुक-रुक कर होने वाले दर्द से जूझ रहा था। मौत का कारण शुरू में स्पष्ट नहीं हुआ, इसलिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। फॉरेंसिक पैथोलॉजिस्टों ने जब जांच शुरू की, तो उन्हें मलाशय के अंदर 9 सेंटीमीटर लंबा और 0.8 सेंटीमीटर चौड़ा एक एल्युमिनियम का आईलाइनर मिला। ताज्जुब की बात यह थी कि उस आईलाइनर पर ब्रांड का नाम अभी भी साफ नजर आ रहा था, लेकिन सबसे भयानक दृश्य यह था कि उस आईलाइनर से सटकर एक विशालकाय पथरी बन चुकी थी। जांच में पता चला कि इस आईलाइनर ने मलाशय की दीवार को छेद दिया था और वह मूत्राशय के पिछले हिस्से में जा घुसा था। इस स्थिति के कारण शरीर के आंतरिक अंगों को भारी नुकसान पहुंचा। व्यक्ति की एक किडनी सूज कर लाल हो गई थी, जबकि दूसरी पीली पड़ चुकी थी। गुर्दे से मूत्राशय तक पेशाब ले जाने वाली नली खिंच चुकी थी। डॉक्टरों ने मौत का कारण किडनी के गंभीर संक्रमण को बताया। शख्स के शरीर के अंदर ही जहर फैल गया था, जिससे उसके अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू की कि आखिर एक आईलाइनर उस जगह तक पहुंचा कैसे। जांच में पता चला कि वह व्यक्ति अक्सर महिलाओं के कपड़े पहनने का शौकीन था और उसके बेडरूम से कुछ यौन उपकरण भी बरामद हुए। जापानी शोधकर्ताओं ने इस केस स्टडी में उल्लेख किया कि मृत्यु के संभावित कारणों में यौन गतिविधियों को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए, भले ही वे घटनाएं कई साल पहले ही क्यों न हुई हों। यह स्पष्ट है कि वह आईलाइनर सालों पहले उसके शरीर के अंदर गया होगा, जिसने धीरे-धीरे पथरी का रूप ले लिया और संक्रमण फैल गया। तीन साल तक वह व्यक्ति इस दर्दनाक स्थिति के साथ जीता रहा, लेकिन लोकलाज के कारण उसने किसी को इस बारे में नहीं बताया। यह घटना हमें आगाह करती है कि शरीर के साथ किया गया कोई भी खतरनाक प्रयोग या चोट, चाहे वह कितनी भी पुरानी क्यों न हो, जानलेवा साबित हो सकती है। सिराज/ईएमएस 28 जनवरी 2026