वाशिंगटन,(ईएमएस)। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कूटनीतिक रूप से सक्रिय हैं और शांति बहाली उनकी विदेश नीति की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप व्यक्तिगत रूप से शांति प्रयासों की निगरानी कर रहे हैं और उनके सलाहकार उन्हें हर पल के घटनाक्रम से अवगत करा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि वर्तमान में राष्ट्रपति ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच किसी सीधी फोन कॉल या बातचीत का कोई आधिकारिक कार्यक्रम तय नहीं है। प्रेस सचिव ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रपति इस जटिल अंतरराष्ट्रीय मुद्दे के समाधान के लिए पूरी तरह गंभीर हैं। उन्होंने बताया कि इस सप्ताह राष्ट्रपति की पुतिन के साथ किसी वार्ता की योजना नहीं है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि कूटनीतिक प्रक्रिया धीमी पड़ी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों और विशेष दूतों को जिम्मेदारी सौंपी है कि वे दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने के लिए निरंतर संपर्क बनाए रखें। हाल के दिनों में अमेरिकी अधिकारियों द्वारा विभिन्न देशों के साथ की गई बहुस्तरीय वार्ता को ऐतिहासिक बताया जा रहा है, जिसमें युद्धरत दोनों पक्षों ने भाग लिया और शांति के संभावित रोडमैप पर चर्चा की। रूस-यूक्रेन संघर्ष अब अपने चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुका है, जिसने न केवल यूरोप बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। व्हाइट हाउस ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का लक्ष्य एक स्थायी समाधान और युद्धविराम सुनिश्चित करना है। कूटनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि अमेरिका की भूमिका इस समय निर्णायक है, क्योंकि वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय शक्ति संतुलन इस युद्ध के परिणामों पर टिका हुआ है। प्रेस सचिव ने अंत में दोहराया कि राष्ट्रपति ट्रंप शांति प्रक्रिया से पीछे नहीं हट रहे हैं। कूटनीति और बातचीत उनके एजेंडे का मुख्य हिस्सा है। भारत सहित दुनिया के तमाम देशों की नजरें इस समय अमेरिका के अगले कदमों पर टिकी हैं, क्योंकि एक ठोस राजनीतिक समाधान ही वैश्विक सुरक्षा को पुनः स्थापित कर सकता है। राष्ट्रपति की टीम युद्ध खत्म करने के हर संभव तरीके पर काम कर रही है ताकि आने वाले समय में क्षेत्र में स्थिरता लौट सके। वीरेंद्र/ईएमएस 28 जनवरी 2026