लखनऊ (ईएमएस)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रमोशन ऑफ इक्विटी रेगुलेशंस 2026 को लेकर भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और उनके दो बेटों के बीच विचार एकमत नहीं है। इस मुद्दे पर जहां पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इस पर अध्ययन के बाद सोच समझकर अपनी राय रखेंगे क्योंकि ये बेहद संवेदनशील मुद्दा है। उन्होंने कहा कि वह इसका अध्ययन कर रहे हैं और जो भी बोलेंगे बहुत सोच विचार करके ही बोलेंगे। बता दें कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर इस समय देश और प्रदेश के विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मंगलवार को भी लखनऊ गोरखपुर, बस्ती सहित कई जिलों में छात्रों-युवाओं ने प्रदर्शन किए। विरोध-प्रदर्शनों के इस माहौल में लोग जनप्रतिनिधियों से उनका स्टैंड पूछ रहे हैं। इसी क्रम में बृजभूषण शरण सिंह से भी इस पर सवाल किया गया तो उन्होंने अध्ययन करने की बात कहकर जवाब को टाल दिया। वहीं, इस मुद्दे पर उनके परिवार में ही दो तरह की स्थिति देखने को मिली है। एक ओर यूजीसी के नियमों में किए गए बदलाव वाली 31 सदस्यीय संसदीय समिति का हिस्सा ब्रजभूषण के सांसद बेटे करण भूषण सिंह थे। वहीं उनके विधायक पुत्र प्रतीक भूषण सिंह ने इस नियम को लेकर इसके उलट प्रतिक्रिया दी है।प्रतीक ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि इतिहास के दोहरे मापदंडों पर अब गहन विवेचना होनी चाहिए जहां बाहरी आक्रांताओं और उपनिवेशी ताकतों के भीषण अत्याचारों को अतीत की बात कहकर भुला दिया जाता है जबकि भारतीय समाज के एक वर्ग को निरंतर ऐतिहासिक अपराधी के रूप में चिन्हित कर वर्तमान में प्रतिशोध का निशाना बनाया जा रहा है। बता दें कि प्रतीक भूषण सिंह गोंडा की सदर सीट से विधायक हैं। उनका पक्ष सामने आने के बाद इस पर लोगों की अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। उधर, यूजीसी के नए नियमों को लेकर सवाल पूछे जाने पर विधायक प्रतीक भूषण के पिता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा था कि यूजीसी एक बड़ा और गंभीर विषय है। मैं इसका अध्ययन कर रहा हूं। जो कुछ भी बोलूंगा सोच-समझकर बोलूंगा। यह समाज से जुड़ा मुद्दा है। सामंजस्य निकलना जरूरी है। वीरेंद्र/ईएमएस/28जनवरी2026