28-Jan-2026
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- सुधार और निवेश के माध्यम से ही भारत बन सकता है सुरक्षित और मजबूत नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने बुधवार को कहा कि आगामी 2026-27 के केंद्रीय बजट को एक दीर्घकालिक और समग्र दृष्टिकोण के साथ तैयार किया जाना चाहिए ताकि भारत की अर्थव्यवस्था जुझारू, आत्मनिर्भर और तेज़ी से बढ़ने वाली बने। उन्होंने वैश्विक और भारतीय अर्थव्यवस्था को बेहद खतरनाक दौर बताते हुए कहा कि सुधार और निवेश के माध्यम से ही भारत सुरक्षित और मजबूत बन सकता है। राजन ने कहा कि भारत में पहले पंचवर्षीय योजनाएं थीं, लेकिन बजट पूरी तरह से एकीकृत नहीं था। उनका मानना है कि बजट को केवल वार्षिक वित्तीय योजना नहीं बल्कि दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति के रूप में तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि आंतरिक सुधारों को फिर से शुरू करने का यह सही समय है, ताकि विकास दर स्थिर और सतत बनी रहे। राजन ने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) में निवेश से सकारात्मक अवसर हैं, लेकिन अत्यधिक किसी विदेशी संस्थाओं पर निर्भरता खतरा पैदा कर सकती है। उन्होंने अमेरिका और अन्य देशों के साथ व्यापारिक तनाव के बीच भारत के लिए कुछ समय के लिए आत्मनिर्भरता और आत्मनिरीक्षण को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत को चीन और पूर्वी एशियाई देशों के साथ सीमा विवाद और वैश्विक निर्भरता के मद्देनजर यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, पश्चिम एशिया और पूर्वी एशिया के साथ आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लानी होगी। राजन ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत को चीन जैसी अत्यधिक तेज़ वृद्धि की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान समय में स्थिर और सतत वृद्धि अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को निवेश-अनुकूल नीतियों के माध्यम से आर्थिक विकास को और बढ़ावा देना चाहिए। सतीश मोरे/28जनवरी ---