राष्ट्रीय
28-Jan-2026


- कुकी बहुल जिले में उग्रवादियों ने कई घरों और फार्महाउसों में लगा दी थी आग इंफाल,(ईएमएस)। मणिपुर की राजधानी इम्फाल वेस्ट से 25 किलोमीटर दूर आखिरी गांव कौत्रुक चिंग लेइकाई में लोग ढाई साल बाद भी दहशत में हैं। यहां के लोगों का आरोप है कि कुकी समुदाय के लोग उन्हें उकसाने के लिए रात में जानवरों की आवाज निकलते हैं। कुकी चाहते हैं कि गांव वाले इसका जवाब दें जिससे कुकी उनपर हमला कर सकें। वहीं मणिपुर के कुकी बहुल जिले कांगपोकपी में सोमवार को उग्रवादियों ने कई घरों और फार्महाउसों में आग लगा दी थी। सोंग्लुंग गांव में हुई घटना की जिम्मेदारी जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट ने ली। फ्रंट ने आरोप लगाया है कि इन घरों, फार्महाउसों में अफीम की अवैध खेती की जा रही थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना के बाद कुकी नागरिक समाज संगठन, कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी ने चेतावनी दी है कि आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो 27 जनवरी की रात से 28 जनवरी की रात तक इम्फाल-दीमापुर नेशनल हाईवे बंद कर देंगे। 8 सितंबर 2023 को गांव की निंगथॉजाम जिना (17) घायल हो गई थी। वे कहती हैं, तब कक्षा 9 में थी। एक गोली दाहिने पैर को छूते हुए निकल गई। उन्होंने बताया कि वह तब इतनी डर गई थी कि परीक्षा नहीं दे सकीं। जिना ने कहा कि अब भी स्थिति सामान्य नहीं है। जिना की बड़ी बहन नौबी ने कहा कि अभी गोली नहीं चल रही है, बम नहीं गिर रहे हैं पर इसका मतलब यह नहीं कि शांति हो गई है। हम अब भी डर के साये में जी रहे हैं। बता दें मणिपुर में मई 2023 में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। यह 2025 के शुरुआती महीनों तक जारी रही। हिंसा में कई इलाकों में आगजनी, लूट और हत्याओं की घटनाएं हुईं। हजारों लोग विस्थापित हुए और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हुए। मणिपुर के तत्कालीन सीएम एन बीरेन सिंह ने 9 फरवरी, 2025 को इस्तीफा दे दिया था। दो साल से ज्यादा समय तक जारी हिंसा न रोक पाने के कारण उनपर राजनीतिक दबाव था। बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया। इसे फरवरी, 2026 तक बढ़ा दिया गया है। सिराज/ईएमएस 28जनवरी26