पंचकूला,(ईएमएस)। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (यूजीसी) के नए नियमों को लेकर हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी के भीतर ही विरोध के स्वर तेज़ होने लगे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, खिलाड़ियों और सामाजिक संगठनों की नाराज़गी अब खुलकर सामने आ रही है। हालात ऐसे बन गए हैं कि झज्जर में एक नेता ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया, जबकि ओलिंपियन खिलाड़ी योगेश्वर दत्त और विजेंदर सिंह ने सोशल मीडिया के ज़रिये तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता और ओलिंपियन पहलवान योगेश्वर दत्त ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लगातार दो दिनों में तीन पोस्ट कर यूजीसी के नए नियमों का विरोध किया। उन्होंने एक पोस्ट में महाभारत का उदाहरण देते हुए लिखा, भरी सभा में द्रौपदी चीरहरण के समय बड़े-बड़े योद्धाओं ने चुप्पी साधी। जिस सत्ता और कुर्सी के लालच में यह किया, न वह सत्ता रही और न कुर्सी। अंततः सभी का सर्वनाश हो गया। योगेश्वर के इस बयान को सरकार की नीतियों पर अप्रत्यक्ष लेकिन कड़े प्रहार के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, ओलिंपियन बॉक्सर और भाजपा नेता विजेंदर सिंह ने भी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी नाराज़गी जाहिर की। उन्होंने लिखा, शिक्षा समान अवसर का माध्यम होनी चाहिए, न कि समाज को बांटने का। विजेंदर का यह बयान सीधे तौर पर नए यूजीसी नियमों के सामाजिक प्रभावों पर सवाल खड़ा करता है। इस बीच, झज्जर जिले में विरोध ने राजनीतिक रूप ले लिया। नए नियमों के विरोध में छारा मंडल की महिला मोर्चा अध्यक्ष मनीषा शर्मा ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया। मनीषा शर्मा झज्जर के खरहर गांव में वार्ड नंबर 10 से पंचायत सदस्य भी हैं। उनके इस्तीफे को पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि यह असंतोष जमीनी स्तर तक पहुंचने का संकेत देता है। विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा बुधवार को यमुनानगर में भी यूजीसी नियमों के खिलाफ विरोध देखने को मिला। सवर्ण समाज से जुड़े लोगों ने भाजपा विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के आवास के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने विधायक के कार्यालय पहुंचकर उन्हें ज्ञापन सौंपा और नए नियमों को वापस लेने की मांग की। हिदायत/ईएमएस 28जनवरी26