वॉशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ वॉर पीट हेगसेथ ने ईरान को कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि तेहरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में अपने कदम आगे बढ़ाता है, तो अमेरिकी सेना किसी भी स्तर की कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए हेगसेथ ने कैबिनेट बैठक में कहा कि अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी को तेजी से बढ़ा रहा है ताकि क्षेत्र में अपनी धाक और निवारक शक्ति को दोबारा स्थापित किया जा सके। उन्होंने ईरान को स्पष्ट संदेश दिया कि उसे परमाणु क्षमता हासिल करने का प्रयास तुरंत बंद कर देना चाहिए, अन्यथा उसे गंभीर सैन्य परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। हेगसेथ ने इस दौरान वेनेजुएला में हाल ही में किए गए एक सफल सैन्य ऑपरेशन का भी उल्लेख किया। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी को विश्व इतिहास की सबसे सफल छापेमारी करार दिया। उनके अनुसार, यह ऑपरेशन वैश्विक स्तर पर अमेरिकी संकल्प का एक मजबूत उदाहरण है और यह संदेश देता है कि कोई भी अन्य सेना इस तरह के जटिल मिशन को अंजाम देने में सक्षम नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब राष्ट्रपति ट्रंप कोई बात कहते हैं, तो वे उसे गंभीरता से लागू भी करते हैं और अपने सैनिकों को आवश्यक स्वतंत्रता प्रदान करते हैं। अमेरिकी प्रशासन ने पूर्व में किए गए ऑपरेशन मिडनाइट हैमर का भी संदर्भ दिया, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर ईरान के परमाणु ढांचे को निशाना बनाया गया था। हेगसेथ ने दोहराया कि अमेरिका अब अपने शत्रुओं के मन में भय और स्पष्ट धारणा बनाने में जुटा है। वर्तमान में मध्य पूर्व में अमेरिकी नौसेना की भारी तैनाती की जा रही है, जिसमें अत्याधुनिक विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को क्षेत्र में भेजा गया है। इसे ईरान के खिलाफ एक बड़ी सामरिक घेराबंदी के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से इसे ईरान की ओर बढ़ती एक विशाल सेना बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह कैरियर ग्रुप अपने मिशन को तीव्र और निर्णायक तरीके से पूरा करने की क्षमता रखता है। ट्रंप प्रशासन का स्पष्ट रुख है कि ईरान को कभी भी परमाणु बम बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी शासन को आगाह किया है कि उनके पास समय सीमित है और उन्हें जल्द ही एक निष्पक्ष और पारदर्शी परमाणु समझौते की दिशा में आगे बढ़ना होगा, वरना सैन्य विकल्प हमेशा मेज पर मौजूद हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/30जनवरी2026 -----------------------------------