-कांग्रेस ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र, तत्काल हस्तक्षेप और स्वतंत्र जांच की मांग नई दिल्ली,(ईएमएस)। कांग्रेस ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान फॉर्म-7 के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग का आरोप लगाया है। पार्टी ने चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। कांग्रेस का दावा है कि सत्तारूढ़ बीजेपी से जुड़े लोग और अज्ञात व्यक्ति टारगेट वर्गों के मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गलत तरीके से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे पत्र में कहा है कि फॉर्म-7 का इस्तेमाल कर लाखों पात्र मतदाताओं को मताधिकार से वंचित किया जा रहा है जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट में कांग्रेस के मुताबिक राजस्थान से शुरू हुई शिकायतें अब गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम और केरल समेत 12 राज्यों से सामने आई हैं। पार्टी का कहना है कि इससे साफ होता है कि यह मामला न तो स्थानीय है और न ही अलग-थलग है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि जांच में एक समान पैटर्न सामने आया है। इसके तहत केंद्रीकृत प्रणाली के जरिए पहले से छपे हुए फार्म-7 तैयार किए गए, जिनका इस्तेमाल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों और 60 साल से ज्यादा उम्र के वरिष्ठ नागरिकों जैसे विशेष समूहों के खिलाफ सामूहिक आपत्तियां दर्ज कराने में किया गया है। कांग्रेस ने कहा कि इन फार्म को बाद में बूथ लेवल अधिकारियों को सौंपा गया। कई मामलों में फॉर्म में आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्ति की पहचान, सही मोबाइल नंबर और वैध ईपीआईसी विवरण तक दर्ज नहीं पाए गए जबकि नियमों के तहत यह अनिवार्य है। पार्टी का दावा है कि जिन लोगों के नाम आपत्तिकर्ता के रूप में दर्ज थे, उनमें से कई ने सार्वजनिक रूप से किसी भी फॉर्म को जमा करने से इनकार किया। कुछ मामलों में ये लोग बीजेपी से जुड़े बूथ लेवल एजेंट पाए गए, जबकि कई पूरी तरह अज्ञात व्यक्ति निकले। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की है कि फॉर्म के दुरुपयोग की तत्काल और स्वतंत्र जांच कराई जाए, दोषियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई हो और जिन मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उन्हें तुरंत जोड़ा जाए। सिराज/ईएमएस 30जनवरी26