- मप्र में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ा बदलाव भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने भुगतान व्यवस्था में बदलाव किया है। अब योजना के अंतर्गत आवास निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि तीन किस्तों में जारी की जाएगी, जिससे निर्माण प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित हो सके। नए प्रावधान के अनुसार, हितग्राही को मकान निर्माण के लिए कुल 1,20,000 रूपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि तीन बराबर किस्तों में मिलेगी, जिसमें हर किश्त 40,000 रूपए की होगी। पहली किश्त नींव और प्रारंभिक निर्माण के लिए, दूसरी किश्त दीवार और छत निर्माण के चरण में तथा तीसरी किश्त मकान पूर्ण होने से पहले जारी की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ लेने वाले जिन हितग्राहियों के पास जॉब कार्ड है, उन्हें मकान निर्माण के दौरान मनरेगा के अंतर्गत मजदूरी की राशि अलग से दी जाएगी। यह भुगतान सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से किया जाएगा। इससे लाभार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और वे निर्माण कार्य में स्थानीय श्रमिकों को भी रोजगार दे सकेंगे। मध्यप्रदेश में योजना का दायरा आंकड़ों के अनुसार, मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अब तक लाखों आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। चालू वित्तीय वर्ष में भी बड़ी संख्या में नए मकानों को मंजूरी दी गई है। सरकार का लक्ष्य है कि पात्र परिवारों को समय पर पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए और निर्माण में किसी भी तरह की देरी न हो। पारदर्शिता और निगरानी पर जोर नई किश्त प्रणाली के तहत निर्माण की फोटो जियो-टैगिंग, भौतिक सत्यापन और प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य की गई है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राशि का उपयोग सही उद्देश्य के लिए हो और किसी प्रकार की अनियमितता न हो। सरकार का कहना है कि तीन किस्तों में भुगतान और मजदूरी राशि को अलग रखने से योजना अधिक प्रभावी बनेगी। इससे न केवल ग्रामीण आवास निर्माण में तेजी आएगी, बल्कि रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। विनोद / 31 जनवरी 26