31-Jan-2026
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-जो घुसपैठिये एसआईआर से बच रहेंगे उन्हें भाजपा का सीएम बनते ही निकाला जाएगा कोलकाता,(ईएमएस)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। उत्तर 24 परगना जिले में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए घुसपैठियों को बाहर किया जाएगा और अगर कोई बच भी गया, तो भाजपा का मुख्यमंत्री बनते ही उसे भी राज्य से बाहर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि साल 2026 तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को “टाटा, बाय-बाय” कहने का साल साबित होगा। दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल पहुंचे अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी सरकार अवैध घुसपैठियों को वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल कर रही है, लेकिन बंगाल की जनता अब सब समझ चुकी है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता टीएमसी को उखाड़ फेंकने के लिए पूरी तरह तैयार है और उसकी विदाई का समय आ गया है। शाह ने ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए कहा कि वह एसआईआर का जितना विरोध करना चाहें कर लें, लेकिन मतदाता सूची से घुसपैठियों को हटाना तय है। अपने भाषण में शाह ने भाजपा की चुनावी सफलताओं का जिक्र करते हुए कहा कि 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने। इसके बाद आंध्र प्रदेश, ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी। उन्होंने दावा किया कि 2025 में हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में भी लंबे अंतराल के बाद भाजपा सत्ता में लौटी और साल के अंत तक बिहार में भी एनडीए ने प्रचंड बहुमत हासिल किया। शाह ने कहा कि यही सिलसिला 2026 में पश्चिम बंगाल में भी दोहराया जाएगा। गृहमंत्री ने ‘वंदे मातरम्’ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह नारा आजादी की लड़ाई में शहीदों के अंतिम शब्दों में शामिल था। मोदी सरकार ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर देशव्यापी कार्यक्रमों का निर्णय लिया है, लेकिन विडंबना यह है कि बंगाल की धरती से जन्मे इस गीत पर संसद में चर्चा के दौरान ममता बनर्जी के सांसदों ने विरोध किया। शाह ने आनंदपुर में हाल ही में लगी आग को लेकर भी ममता सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को एक फैक्ट्री में लगी आग कोई हादसा नहीं थी, जिसमें 25 लोगों की मौत हुई और 27 लोग अब भी लापता हैं। शाह ने आरोप लगाया कि इस मामले में सत्ताधारी दल से जुड़े लोग शामिल हैं और अगर ममता बनर्जी इसे दबाने की कोशिश करेंगी, तो भाजपा की सरकार बनने के बाद दोषियों को चुन-चुनकर जेल भेजा जाएगा। हिदायत/ईएमएस 31जनवरी26