नई दिल्ली,(ईएमएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। सरकार जहां इस बजट को “विकसित भारत” के विजन को साकार करने वाला बता रही है, वहीं विपक्ष ने इसे आम जनता की समस्याओं से दूर करार दिया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बजट पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इसमें युवा, किसान और निवेशकों की चिंताओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, बिना नौकरी वाले युवा, गिरता हुआ मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, निवेशकों का पूंजी निकालना, घरेलू बचत में तेज गिरावट, परेशान किसान और आने वाले वैश्विक झटके—सभी को नजरअंदाज कर दिया गया है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि यह ऐसा बजट है जो सुधार करने से इनकार करता है और भारत के असली आर्थिक संकटों से अनजान नजर आता है। कांग्रेस नेता का कहना है कि देश में बेरोजगारी एक गंभीर समस्या बनी हुई है, लेकिन बजट में रोजगार सृजन को लेकर ठोस रोडमैप नहीं दिखता। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गिरती स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ जैसे अभियानों के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ रहा है और घरेलू बचत में गिरावट अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी है। किसानों के मुद्दे पर भी राहुल गांधी ने सरकार को घेरा। उनके मुताबिक किसान पहले से ही महंगाई, लागत बढ़ने और फसलों के उचित दाम न मिलने से परेशान हैं, लेकिन बजट में उनकी समस्याओं का ठोस समाधान नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार आने वाले वैश्विक आर्थिक झटकों को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है। हिदायत/ईएमएस 01फरवरी26