भ्रष्टाचार के आरोपो में फंस कर जा सकते है जेल छिंदवाड़ा (ईएमएस)। भाजपा से निष्कासित हुए परासिया नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवी की कुर्सी पर अब खतरा मंडरा रहा है। कुर्सी जाने के साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवी जेल भी जा सकते है। दरअसल उनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की शिकायत अब नगरीय प्रशासन विभाग तक पहुंच चुकी है, जबकि जिला और पुलिस प्रशासन स्तर पर भी आरोपो की जांच हो रही है। यदि जांच रिपोर्ट में भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी की बात सही पाई जाती है तो इस मामले में कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जबकि नगरीय प्रशासन भ्रष्टाचार के आरोप में अध्यक्ष विनोद मालवी को पद से बर्खास्त भी कर सकता है। गौरतलब है कि परासिया नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवी के भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी के ऑडियो बीते दिनों जमकर वायरल हुए थे। इस मुद्दे को लेकर कांगे्रस भी भाजपा को घेरने लगी है। भाजपा की छबि धूमिल होने पर संगठन ने तत्काल इस मामले में निर्णय लेते हुए विनोद मालवी को भाजपा से छह वर्षो के लिए निष्कासित कर दिया है। अब भाजपा से निष्कासन होने के बाद उनकी अध्यक्ष की कुर्सी भी जाना तय माना जा रहा है। एक और विवादित ऑडियो मचा सकता है बड़ा बवाल सूत्रों की माने तो नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवी का एक और विवादित ऑडियो सुर्खियों में बना हुआ है, जिसमें तथाकथित महिला के साथ उनकी बातचीत में कई अभद्र और अश्लील भाषा का प्रयोग किया गया है। इस ऑडियो के वायरल होने से भाजपा को नुकसान होना तय है। इसलिए पार्टी ने भी आनन-फानन में विवादित नगर पालिका अध्यक्ष को हटाने का निर्णय लिया है। इधर उपाध्यक्ष ने भी सीएमओ को लिखा पत्र नगर परिषद डोंगर परासिया उपाध्यक्ष महेश सोमकुंवर ने भी नगर पालिका में होने वाले भ्रष्टाचार को लेकर नगर पालिका सीएमओ को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने क्षेत्र में होने वाले निर्माण कार्यो और विभिन्न सामग्री की खरीदी की जांच बारीकी से करने के बाद ही भुगतान करने की मांग की है। उनका कहना है कि नगर पालिका में कमीशन का खेल जमकर चला है। ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण कार्य करने के साथ जेम पोर्टल से होने वाली खरीदी में भी बड़ी अनियमितता सामने आ सकती है। इन्हीं मु्द्दों को लेकर उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच संबंधी मांग की है। अविश्वास प्रस्ताव आने की संभावना नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवी के खिलाफ भाजपा और कांग्रेस दोनों ही राजनैतिक संगठन अविश्वास प्रस्ताव ला सकते है, लेकिन इसमें एक पेंच यह भी फंस रहा है कि भाजपा के पास १२ और कांग्रेस के पास ९ पार्षद है। विनोद मालवी को भाजपा से निकाले जाने के बाद अब भाजपा के पास ११ और कांग्रेस के पास ९ पार्षद बचे है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलो में यदि अंदरूनी गुटबाजी होती है तो नए अध्यक्ष को चुनने में थोड़ी समस्या होगी। ईएमएस/मोहने/ 01 फरवरी 2026