जशपुर(ईएमएस)। जिले में लंबे समय से जारी मानव‑हाथी द्वंद्व को समाप्त करने और हाथियों के साथ सह‑अस्तित्व की दिशा में वन विभाग ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। अब जशपुर वनमण्डल के हाथी प्रभावित क्षेत्रों में हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इस रणनीति के तहत वन विभाग ने मैदानी अमले और रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) को ड्रोन संचालन का विशेष प्रशिक्षण देकर अत्याधुनिक संसाधनों से लैस किया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम वनमण्डलाधिकारी शशि कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित किए गए। वन विभाग का उद्देश्य तकनीक की मदद से दुर्गम और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में हाथियों की सटीक लोकेशन प्राप्त करना है, जहां पैदल गश्त करना वनकर्मियों के लिए जोखिम भरा और कठिन होता है। कर्मचारियों को प्रशिक्षण के दौरान ड्रोन की बारीकियों, उसके सेंसर और डेटा विश्लेषण की जानकारी दी गई। इस पहल की शुरुआत 24 जनवरी को पत्थलगांव उपवनमण्डल के नारायणपुर से हुई, जहां बड़ी संख्या में वन अमले ने ड्रोन उड़ाने का अभ्यास किया। विभाग का कहना है कि ड्रोन तकनीक से न केवल हाथियों पर नजर रखी जा सकेगी, बल्कि मानव‑हाथी संघर्ष को कम करने में भी मदद मिलेगी। सत्यप्रकाश(ईएमएस)02 फरवरी 2026