मनोरंजन
04-Feb-2026
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मुंबई (ईएमएस)। सुपर स्टार रजनीकांत को सिनेमा जगत में 5 दशक पूरे हो चुके हैं और जितनी खूबसूरती से वह अपने किरदार को पर्दे पर निभाते हैं, असल जिंदगी में वह उतने ही ज्यादा नेकदिल और इंसानियत से भरे हुए हैं। सुपर स्टार रजनीकांत की सादगी और दयालुता के बारे में एक्टर अरविंद स्वामी ने बताया। अरविंद स्वामी ने साल 1991 में आई फिल्म थलापति के जरिए सिनेमा जगत में अपना पहला कदम रखा था। मणि रत्नम के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रजनीकांत और ममूटी ने भी अहम किरदार निभाए थे। इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न में बातचीत के दौरान अरविंद ने वो वक्त याद किया जब फिल्म इंडस्ट्री में उन्होंने अपने कदम जमाना शुरू ही किया था और वह इसके अनकहे नियमों से पूरी तरह अनजान थे। अरविंद ने बताया कि वो उस हरार्की के बारे में भी नहीं जानते थे जो सेट पर फॉलो की जाती है। अरविंद ने बताया कि एक बार वो सेट पर शूट के लिए जल्दी आ गए थे और बहुत थक चुके थे। जब उन्होंने वहां पर एक बेडरूम देखा तो वह गए और जाकर लेट गए। कुछ ही देर में उन्हें नींद आ गई। उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह कमरा सुपरस्टार रजनीकांत के लिए है। जब अरविंद की आंख खुली तो वह शॉक्ड थे, क्योंकि उसी कमरे में रजनीकांत जमीन पर लेटे हुए थे। अरविंद को बहुत ज्यादा शर्मिंदगी महसूस हो रही थी और वह सोच में पड़ गए कि रजनीकांत जैसा सुपरस्टार एक न्यूकमर एक्टर को जगाकर हटने का आदेश देने की बजाए जमीन पर सोना क्यों चुनेगा? अरविंद ने उस घटना को याद करते हुए बताया, मैं जागा और देखा कि रजनीकांत सर जमीन पर सोए हुए हैं। मैं गलती से उनके कमरे में घुस गया था और उनके पलंग पर सो गया था। अरविंद उनके ऐसा करने की वजह नहीं समझ पा रहे थे, और तब अरविंद के आइडल रहे रजनीकांत के मेकअप आर्टिस्ट ने उन्हें रजनी सर के ऐसा करने की वजह समझाई। मेकअप आर्टिस्ट ने अरविंद को बताया कि रजनीकांत ने उसे निर्देश दिया था कि उस मेकअप आर्टिस्ट को जगाए नहीं। रजनीकांत से उस दिन अरविंद को इंसानियत और संवेदनशीलता के बारे में एक बड़ी सीख मिली। मालूम हो कि सुपरस्टार रजनीकांत का किसी फिल्म में होना ही उसके हिट होने की गारंटी माना जाता है। साउथ के थलाइवा ने ना सिर्फ अपनी लार्जर दैन लाइफ स्क्रीन प्रिजेंस के चलते बल्कि ऑफ स्क्रीन अपने स्वभाव के जरिए भी करोड़ों दिल जीते हैं। सुदामा/ईएमएस 04 फरवरी 2026