क्षेत्रीय
06-Feb-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। बिलासपुर/ रायपुर छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने हाल के दिनों में सराफा व्यापारियों के खिलाफ दर्ज की जा रही कथित आधारहीन शिकायतों को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने इस संबंध में बिलासपुर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से पहले मामलों की गहन, निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच अनिवार्य रूप से की जाए। श्री सोनी ने कहा कि वर्तमान समय में सोना-चांदी के दामों में तेज़ बढ़ोतरी के कारण कुछ पुराने लेन-देन से जुड़े प्रकरणों को दोबारा उठाकर पुलिस में शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त करना प्रतीत होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर के कई सराफा व्यापारी परिचित उपभोक्ताओं को आभूषण गिरवी रखकर ऋण प्रदान करते हैं, जो पूरी तरह से व्यावसायिक और स्वीकृत प्रक्रिया है। तय समय-सीमा में यदि ऋण और ब्याज का भुगतान नहीं किया जाता, तो नियमों के अनुसार गिरवी रखे गए आभूषणों को समायोजित किया जाता है। एसोसिएशन का कहना है कि कुछ मामलों में कर्जदार वर्षों तक ब्याज नहीं चुकाता और न ही गिरवी रखे गए आभूषण छुड़ाने का प्रयास करता है। समयावधि समाप्त होने के बाद जब व्यापारी नियमानुसार हिसाब-किताब समायोजित कर लेते हैं, तब वर्षों बाद शिकायत दर्ज कराना न केवल व्यापारियों को मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान करता है, बल्कि पुलिस तंत्र को भी गुमराह करता है। कमल सोनी ने बताया कि इस प्रकार की शिकायतें केवल बिलासपुर ही नहीं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों से भी सामने आ रही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि इस प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगी, तो आने वाले दिनों में झूठी शिकायतों की संख्या और बढ़ सकती है। छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में यह भी सुझाव दिया है कि किसी भी विवाद की स्थिति में प्रतिष्ठित व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच संवाद कराया जाए, ताकि निष्पक्ष समाधान निकल सके और अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। प्रदेश अध्यक्ष ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि सराफा व्यापार राज्य की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और ईमानदारी से व्यापार करने वाले व्यापारियों को बिना पूरी जांच के परेशान किया जाना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन तथ्यों के आधार पर संतुलित निर्णय लेते हुए सभी पक्षों के हितों की रक्षा करेगा। मनोज राज/योगेश विश्वकर्मा 06 फरवरी 2026