क्षेत्रीय
08-Feb-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कोचीन डिपो बिलासपुर में नवाचार और रचनात्मकता का एक अनोखा उदाहरण देखने को मिल रहा है। रेलवे के अनुपयोगी और व्यर्थ पड़े कबाड़ से 10 फीट ऊँची भगवान बुद्ध की भव्य प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा है। इस कलाकृति को तैयार करने में लगभग 3500 लॉकिंग प्लेट और 400 स्प्रिंग के टुकड़ों का उपयोग किया गया है। इस विशेष कलाकृति का निर्माण वरिष्ठ कोचीन डिपो अधिकारी बलराम साहू एवं वरिष्ठ अनुभाग अभियंता राजू सोनकुसले के निर्देशन में किया जा रहा है। रेलवे के प्रतिभाशाली कलाकार अशोक देवांगन अपनी चार सदस्यीय टीम के साथ इस प्रतिमा को आकार दे रहे हैं। टीम में रेलवे कर्मी महेश कौशल, घनश्याम, संतोष और राजकुमार पटेल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यह कलाकृति दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नवाचार अभियान का हिस्सा है, जिसमें अनुपयोगी रेलवे सामग्री को जोडकऱ आकर्षक और नयनाभिराम कलाओं का सृजन किया जा रहा है। यह न केवल रचनात्मक सोच को दर्शाता है, बल्कि इंजीनियरिंग कौशल का भी उत्कृष्ट उदाहरण है। रेल स्क्रैप से दर्जनों कलाकृतियाँ बनाकर किए हैं तैयार इससे पहले भी कलाकार अशोक देवांगन रेलवे स्क्रैप से भगवान गणेश, दुर्गा, विश्वकर्मा, इंडिया गेट, गेटवे ऑफ इंडिया, ताजमहल, कुतुब मीनार और ‘मेक इन इंडिया’ का सबसे बड़ा लोगो सहित सैकड़ों कलाकृतियाँ देशभर के विभिन्न रेलवे कारखानों में बना चुके हैं। उनकी कलाकृतियों को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड और गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में भी स्थान मिल चुका है। बन रही भगवान बुद्ध की यह अनोखी प्रतिमा 15 से 20 दिनों की मेहनत से तैयार की गई है, जो रेलवे की रचनात्मक सोच और स्वच्छ संसाधन उपयोग की प्रेरक मिसाल बनेगी। मनोज राज/योगेश विश्वकर्मा 08 फरवरी 2026