राष्ट्रीय
08-Feb-2026
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पीयूष गोयल से इस्तीफे की मांग नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत–अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर देश के प्रमुख किसान संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम), उसके नॉन-पॉलिटिकल धड़े और ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) सहित कई संगठनों ने इस प्रस्तावित ट्रेड डील को भारतीय कृषि और डेयरी सेक्टर के लिए गंभीर खतरा बताया है। ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस और शनिवार को जारी बयान में एसकेएम नेताओं ने आरोप लगाया कि यह समझौता भारतीय कृषि को अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सामने आत्मसमर्पण करने जैसा है। उन्होंने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। किसान संगठनों का कहना है कि सरकार का यह दावा गलत है कि कृषि और डेयरी क्षेत्र को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से बाहर रखा गया है। एसकेएम के अनुसार, भारत–अमेरिका के संयुक्त बयान में भारतीय पक्ष द्वारा अमेरिकी कृषि और खाद्य उत्पादों पर लगाए गए नॉन-टैरिफ बैरियर्स हटाने पर सहमति जताई गई है, जिससे घरेलू किसानों को भारी नुकसान होगा। ऑल इंडिया किसान सभा के नेता कृष्णा प्रसाद ने कहा कि इस समझौते के बाद सूखा पशु आहार, रेड सोरघम और सोयाबीन तेल जैसे उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोल दिया जाएगा। उनका आरोप है कि यह डील अमेरिका और यूरोपीय देशों की सुस्त अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए की जा रही है, न कि भारतीय किसानों के हित में। किसान नेता दर्शन पाल और भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने भी समझौते का विरोध करते हुए कहा कि पहले से कम आय और कर्ज के बोझ से जूझ रहे किसान इस डील से और ज्यादा प्रभावित होंगे। उन्होंने किसानों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। एसकेएम और अन्य किसान संगठनों ने 12 फरवरी को प्रस्तावित देशव्यापी आम हड़ताल का समर्थन करने की घोषणा की है। उस दिन देशभर में प्रदर्शन किए जाएंगे और अमेरिकी व भारतीय प्रधानमंत्रियों के पुतले जलाए जाएंगे। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि इंडिया–यूएस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को आगे बढ़ाया गया तो व्यापक संयुक्त जन आंदोलन छेड़ा जाएगा। हिदायत/ईएमएस 08फरवरी26