राज्य
08-Feb-2026


पटना, (ईएमएस)। बिहार सरकार ने राज्य में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। दरअसल एक अप्रैल से पूरे राज्य में जमीन, मकान और फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए नई व्यवस्था लागू होगी। इस नई प्रणाली के तहत अब निबंधन विभाग के पोर्टल पर संपत्ति की तस्वीर अपलोड करना अनिवार्य होगा। बिना तस्वीर अपलोड किए रजिस्ट्री के लिए समय नहीं मिल सकेगा। इस नई व्यवस्था को लागू करने से पहले दरभंगा जिले में इसका सफल ट्रायल किया गया है। ट्रायल के दौरान ग्रामीण इलाकों में जमीन की सेटेलाइट तस्वीर को ऑनलाइन अपलोड कर इसकी तकनीकी प्रक्रिया को परखा गया। अधिकारियों का कहना है कि ट्रायल के सकारात्मक परिणाम आने के बाद अब इसे पूरे बिहार में लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। नई व्यवस्था के तहत जमीन, मकान या फ्लैट की खरीद-बिक्री करने वाले लोगों को निबंधन विभाग के पोर्टल पर संपत्ति से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी देनी होगी। इसमें खाता नंबर, प्लॉट नंबर, रकबा सहित अन्य विवरण दर्ज करना होगा। इसके साथ ही संबंधित जमीन या संपत्ति की सेटेलाइट तस्वीर अपलोड करना भी अनिवार्य होगा। इसके बाद ही रजिस्ट्री के लिए समय तय किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस नई प्रणाली से जमीन की खरीद-बिक्री में होने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। कई मामलों में देखा गया है कि एक ही जमीन को अलग-अलग लोगों को बेच दिया जाता है या कागजों में हेरफेर कर गलत तरीके से रजिस्ट्री करा ली जाती है। सेटेलाइट तस्वीर और लोकेशन से जुड़ी जानकारी अपलोड होने से जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच आसानी से हो सकेगी। निबंधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पोर्टल पर संपत्ति की अक्षांश और देशांतर (लोकेशन) के साथ तस्वीर अपलोड करने से जमीन की पहचान स्पष्ट हो जाएगी। इससे किसी भी जमीन, मकान या फ्लैट को दोबारा बेचने की संभावना कम हो जाएगी। अगर कोई विक्रेता एक ही संपत्ति को दोबारा बेचने की कोशिश करता है, तो विभाग को तुरंत इसकी जानकारी मिल जाएगी और रजिस्ट्री की अनुमति नहीं दी जाएगी। संतोष झा- ०८ फरवरी/२०२६/ईएमएस