-14 फरवरी को मोरान में उद्घाटन, राफेल और सुखोई हाईवे से करेंगे लैंडिंग-टेकऑफ का प्रदर्शन नई दिल्ली,(ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 फरवरी को असम के मोरान में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी इमरजेंसी एयरस्ट्रिप का उद्घाटन करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अवसर पर प्रधानमंत्री का विमान पारंपरिक एयरपोर्ट की बजाय सीधे हाईवे पर उतर सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह पूर्वोत्तर भारत के इतिहास में पहली बार होगा जब किसी प्रधानमंत्री का विमान हाईवे पर लैंड करेगा। यह इमरजेंसी एयरस्ट्रिप असम के डिब्रूगढ़–मोरान खंड में नेशनल हाईवे 127 के 4.4 किलोमीटर लंबे हिस्से पर विकसित की गई है। इसे पूर्वोत्तर भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) के रूप में तैयार किया गया है, जिसका उपयोग नागरिक और सैन्य, दोनों तरह के विमानों के लिए किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री की मौजूदगी में भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक राफेल और सुखोई लड़ाकू विमान एक विशेष एरियल डेमो प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान लड़ाकू विमान हाईवे से ही लैंडिंग और टेकऑफ कर अपनी परिचालन क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। यह डेमो करीब 30 से 40 मिनट तक चलने की संभावना है और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक अहम अभ्यास माना जा रहा है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उम्मीद जताई है कि प्रधानमंत्री स्वयं किसी फाइटर एयरक्राफ्ट के माध्यम से मोरान हाईवे पर उतर सकते हैं। वहीं राज्य के मुख्य सचिव रवि कोटा ने बताया कि प्रधानमंत्री विशेष रूप से इस 4.4 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप के उद्घाटन के लिए 14 फरवरी को मोरान पहुंचेंगे। यह कार्यक्रम भारत की आपदा तैयारी, सिविल-मिलिट्री समन्वय और राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत संदेश देगा। खासतौर पर पूर्वोत्तर क्षेत्र, जो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के निकट स्थित है, वहां इस तरह की दोहरे उपयोग वाली बुनियादी सुविधा को रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी का उद्देश्य युद्ध, प्राकृतिक आपदा या किसी आपात स्थिति में वैकल्पिक रनवे उपलब्ध कराना है। यदि किसी कारणवश एयरपोर्ट क्षतिग्रस्त हो जाएं, तो ऐसे में विमान हाईवे पर उतरकर राहत, बचाव और सैन्य अभियानों को अंजाम दे सकते हैं। बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान दूर-दराज इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाने में भी यह सुविधा कारगर साबित होगी। गौरतलब है कि देश की पहली इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप 9 सितंबर 2021 को राजस्थान के बाड़मेर–जालोर हाईवे पर बनाई गई थी। उस दौरान भारतीय वायुसेना के कई विमानों ने सफलतापूर्वक हाईवे से लैंडिंग और टेकऑफ किया था। मोरान की यह एयरस्ट्रिप उसी पहल का विस्तार है, जिसे पूर्वोत्तर भारत के बुनियादी ढांचे और रणनीतिक मजबूती की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हिदायत/ईएमएस 10फरवरी26