राज्य
10-Feb-2026


पटना, (ईएमएस)। बिहार में अपराध पर बोलने का अधिकार विपक्ष को नहीं है। इन्ही विपक्षी लोगों के शासन में अपराधी सत्ता के संरक्षण में खुलेआम घूमते थे, आज वही लोग कानून-व्यवस्था का ढोंग कर रहे हैं, यह सबसे बड़ा राजनीतिक पाखंड है। आज बिहार में कानून का राज है, और यह किसी के बयान से नहीं बल्कि ज़मीनी कार्रवाई से साबित हो रहा है। भारतीय जनता प्रति के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल ने अपने प्रेस बयान में कहा कि अपराधियों पर लगातार छापेमारी हो रही है, गिरफ़्तारी हो रही है, जेल भेजा जा रहा है और किसी को भी बख़्शा नहीं जा रहा। सरकार की नीति साफ़ है- अपराधी या तो सुधरेंगे या सज़ा पाएँगे। विपक्ष को बिहार की जनता को ज्ञान देने से पहले यह जवाब देना चाहिए कि जब वे सत्ता में थे तब अपहरण उद्योग, फिरौती, हत्या, बलात्कार और माफ़िया राज क्यों फल-फूल रहा था? तब क्यों थाने अपराधियों के अड्डे बने हुए थे? तब क्यों आम आदमी सूरज ढलने के बाद घर से निकलने से डरता था? उस दौर में बिहार में कानून नहीं, बंदूक का राज था। वही दौर जनता ने “जंगल राज” के नाम से जाना और उसी जंगल राज को बिहार की जनता ने लोकतंत्र के ज़रिए दफ़ना दिया। आज विपक्ष सरकार पर झूठे आरोप लगाकर अपनी राजनीतिक विफलता, जनाधार की कमी और हताशा छुपाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन बिहार की जनता मूर्ख नहीं है। जनता जानती है कि कौन अपराधियों के साथ था और कौन अपराधियों के ख़िलाफ़ खड़ा है। विपक्ष को यह साफ़ समझ लेना चाहिए कि झूठ बोलने से सच नहीं बदलता, चिल्लाने से जंगल राज वापस नहीं आता, और अफ़वाह फैलाने से जनता भ्रमित नहीं होती। अगर विपक्ष इसी तरह अपराधियों की भाषा में राजनीति करता रहा, तो आने वाले समय में इन सब की हालत आज से भी ज्यादा शर्मनाक और दयनीय होगी।बिहार अब पीछे नहीं जाएगा। बिहार अब सुशासन के साथ चलेगा, अपराध के खिलाफ लड़ेगा, और जंगल राज की राजनीति को हमेशा के लिए नकारता रहेगा। संतोष झा- १० फरवरी/२०२६/ईएमएस