-भारत सबसे पहले बैठक में पहुंचने वाले देशों में शुमार नहीं होना चाहता नई दिल्ली,(ईएमएस)। अमेरिका के साथ भारत ने ट्रेड डील की है। इसके साथ ही अब तक 50 फीसदी अमेरिकी टैरिफ कम होकर 18 फीसदी पर आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद इसका ऐलान किया था। इसके बाद से माना जा रहा है कि भारत और अमेरिका के संबंध सुधर गए हैं, लेकिन भारत ने ट्रंप को गाजा पीस प्लान पर करारा झटका देने की तैयारी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक भारत ने 19 फरवरी को होने वाली इस बैठक से दूर रहने का फैसला लिया है। गाजा पीस बोर्ड की पहली बैठक 19 फरवरी को होना है। ट्रंप की ओर से शुरू किए गए बोर्ड ऑफ पीस का यह पहला जुटान है, जिसमें कई देशों के पहुंचने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मिली जानकारी के मुताबिक अब भी भारत सरकार की ओर से ट्रंप के प्रस्ताव का अध्ययन किया जा रहा है। इस मामले में भारत सबसे पहले बैठक में पहुंचने वाले देशों में शुमार नहीं होना चाहता। भारत की कोशिश है कि पहले कुछ बड़े देश इसका हिस्सा बन जाएं, उसके बाद ही इस कोई फैसला लिया जाएगा। हाल ही में अरब लीग के देशों के विदेश मंत्रियों के साथ भारत की बैठक हुई थी। इसमें भी ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस को लेकर बात हुई थी। इस बोर्ड में कई अरब देश शामिल हैं, लेकिन उन्होंने अब तक इस बैठक में शामिल होने को लेकर फैसला नहीं लिया है। इस दौरान भारत ने अरब लीग के देशों से उनके विचार जाने। इन देशों का कहना था कि वे भले ही बोर्ड के सदस्य बन गए हैं, लेकिन भविष्य की रणनीति के बारे में अभी विचार करना है। इस महीने के आखिर तक पीएम मोदी खुद इजरायल जाने वाले हैं। ऐसे में यह मसला वहां भी एजेंडा बन सकता है। बता दें इजराइल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे विवाद को लेकर भारत की राय टू-नेशन सॉलूशन वाली रही है। दरअसल भारत की ओर से इस बोर्ड में शामिल होने के पीछे एक हिचक भी है। अमेरिका के इस बोर्ड में पाकिस्तान और तुर्की पहले ही शामिल हो चुके हैं। सिराज/ईएमएस 11 फरवरी 2026