वाराणसी (ईएमएस)। महादेव की नगरी में मंगलवार को ऐसा अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जहां शहनाई की धुन पर सिर्फ दूल्हा ही नहीं, पूरा शहर ठिठक गया। एक ही दिन में 212 शादियों ने काशी की सड़कों को विवाह मंडप में बदल दिया और ट्रैफिक व्यवस्था ने चुपचाप वरमाला डालकर आत्मसमर्पण कर दिया। शहर की हालत कुछ ऐसी रही कि सामान्य दिनों में 20 मिनट का सफर लोगों ने पूरे धैर्य, संयम और हॉर्न की आरती के साथ एक घंटे में पूरा किया। मैदागिन से लेकर सारनाथ तक गाड़ियों की कतारें ऐसे सजीं मानो बारातियों की विशेष प्रदर्शनी लग गई हो। प्रशासन ने बारातों को रस्सी से नियंत्रित करने का आदेश दिया था, लेकिन जमीन पर रस्सी कम और जाम ज्यादा दिखाई दिया। तेलियाना फाटक के पास तो सड़क इतनी ‘विशेष’ हो गई कि पांच फीट जगह में एंबुलेंस, कार और धैर्य — तीनों एक साथ परीक्षा देते नजर आए। मुख्य सड़कों पर जाम से परेशान वाहन चालकों ने जब गलियों का रुख किया, तो काशी की सदियों पुरानी गलियां भी आधुनिक ट्रैफिक से अभिभूत होकर ठहर गईं। बरात, डीजे और पार्किंग ने मिलकर ऐसा समन्वय बनाया कि शहर का हर रास्ता ‘मंडप मार्ग’ बन गया। लग्न का उत्साह ऐसा रहा कि शहर में करीब 10 हजार बाहरी वाहन भी शामिल हो गए। नतीजा यह हुआ कि काशी में विवाह के साथ-साथ धैर्य, समय और यातायात नियमों का भी सामूहिक परीक्षण हो गया। फिलहाल प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति संभालने का दावा किया है।