11-Feb-2026
...


झाँसी (ईएमएस ) ट्रेन हादसों को रोकने के लिए अब झांसी मंडल के आठ रेलवे स्टेशनों को भी सुरक्षा कवच से लैस किया जाएगा। यह दावा किया गया है की सुरक्षा कवच मिलने के बाद यहां हादसे तो रुकेंगे ही ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ जाएगी। रेलवे बोर्ड की स्वीकृति मिलने के बाद अब यहां काम प्रारंभ करने की तैयारी की गई है। सुरक्षा कवच की तकनीक से खराब मौसम के दौरान ट्रेन को सुरक्षित रूप से चलने में भी मदद मिलती है। इस सुरक्षा कवच से ट्रेन संचालन जैसे खतरे में सिग्नल पासिंग में भी काफी मदद मिलेगी, स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली सुरक्षित ट्रेन संचालन को भी सुरक्षित करेगी, कवच से लैस दो लोकोमोटिव के बीच टकराव भी नहीं होगा, आपातकालीन स्थिति में एसओएस संदेश मिल जाएगा इस सिस्टम के माध्यम से ट्रेन की गतिविधियों की लाइव केंद्रीय कृत निगरानी होती है। स्वदेशी कवच तकनीक से ट्रेन चलाते समय ब्रेक हॉर्न थ्रोटल हैंडल आदि की निगरानी होती रहेगी। यदि लोको पायलट से चूक होती है तो पहले ऑडियो वीडियो के माध्यम से अलर्ट आएगा यदि इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं होती है तो ट्रेन में ऑटोमेटिक ब्रेक लग जाएगा।इसके अलावा ट्रेन को निर्धारित से अधिक गति पर चलाते ही अलर्ट आ जाएगा यह कवच प्रणाली जीपीएस रेडियो फ्रीक्वेंसी आदि तकनीकी से संचालित होगी। झांसी मंडल में ललितपुर से खजुराहो बिरला नगर से उदाईमोड खजुराहो से महोबा और ऐट से कोंच के बीच रेलवे ट्रैक को सुरक्षा कवच सिस्टम से लैस किया जाएगा। इससे ट्रेन फुल स्पीड से चल सकेगी स्वदेशी तकनीक पर विकसित इस प्रणाली से एक ही ट्रैक पर चल रही ट्रेन नजदीक आने पर अपने आप रुक जाएगी वहीं कवच प्रणाली लोको पायलट को कोहरे के मौसम में कम दृश्यता के हालात में भी ट्रेन चलाने में मदद करेगी। सिग्नल की जानकारी सीधे केबिन में लगे डेशबोर्ड पर दिखेगी। इस बारे में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि कवच स्वदेशी ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटक्शन सिस्टम है जिसे हादसे रोकने और ट्रेन की गति नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है। कवच प्रणाली से ट्रैक और ट्रेन को लैस किया जा रहा है। रेलवे द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि इस सुरक्षा कवच प्रणाली से लैस होने के बाद यहां पर हादसों में काफी कमी आएगी और ट्रेनों को अपनी पूरी रफ्तार मिलेगी। शरद शिवहरे /ईएमएस /11फरवरी