ढाका(ईएमएस)। बांग्लादेश के बोगुरा जिले के नंदीग्राम उपजिले में चुनावी रंजिश और हिंसा का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां कल यानी 12 फरवरी को होने वाले मतदान से ठीक पहले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प में न केवल छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए, बल्कि नफरत इस कदर हावी हुई कि एक नेता की आंख ही निकाल दी गई। इस वीभत्स घटना के बाद इलाके में भारी तनाव व्याप्त है और राजनीतिक माहौल गरमा गया है। घटनाक्रम के अनुसार, सोमवार शाम करीब 7:30 बजे परशुन गांव में उस समय विवाद शुरू हुआ था जब जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ता चुनाव प्रचार कर रहे थे। मौके पर मौजूद बीएनपी समर्थकों ने उन पर मतदाताओं को लुभाने के लिए पैसे बांटने का आरोप लगाया। यह आरोप-प्रत्यारोप देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। बताया जा रहा है कि बीएनपी कार्यकर्ताओं ने जमात के कुछ लोगों को पकड़ लिया और उन्हें स्थानीय नेता मसूद राना के घर ले गए। इसके कुछ ही देर बाद, अपने साथियों को छुड़ाने के लिए बड़ी संख्या में जमात कार्यकर्ता मसूद राना के घर पर धावा बोल दिया। इस हमले के दौरान हुई बर्बरता ने सबको हैरान कर दिया। बीएनपी उम्मीदवार मोशर्रफ हुसैन ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि हमलावरों ने मसूद राना की दाहिनी आंख फोड़कर निकाल दी। मसूद को तत्काल बोगुरा के शहीद जियाउर रहमान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को अत्यंत गंभीर बताया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मसूद की आंख की हड्डी टूट चुकी है और उनकी रोशनी वापस आने की संभावना बहुत कम है। उन्हें बेहतर उपचार के लिए ढाका स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी रेफर कर दिया गया है। इस हिंसा का दुखद पहलू केवल यहीं तक सीमित नहीं रहा। मोशर्रफ हुसैन ने दावा किया कि अपने बेटे के साथ हुई इस भयानक दरिंदगी की खबर सुनते ही मसूद राना की मां, राबेया की तबीयत बिगड़ गई और सदमे के कारण उनकी मौत हो गई। उनके पैतृक घर में नमाज-ए-जनाजा अदा की गई है, जिससे पूरे गांव में मातम छाया हुआ है। दूसरी ओर, जमात के उम्मीदवार मोस्तफा फैसल ने वोट खरीदने के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने जवाबी आरोप लगाते हुए कहा कि बीएनपी कार्यकर्ताओं ने बिना किसी उकसावे के उनके लोगों पर हमला किया, जिसमें उनके भी दो कार्यकर्ता घायल हुए हैं। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने घटना की पुष्टि की है, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विस्तृत जानकारी देने से बच रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच और शांति व्यवस्था बनाए रखने में जुटी है। वीरेंद्र/ईएमएस/11फरवरी2026